रालेगण सिद्धि (महाराष्ट्र): सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के स्वास्थ्य की चिंताओं के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और दो केंद्रीय मंत्रियों ने मंगलवार को 81 वर्षीय गांधीवादी नेता से मुलाकात की और उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया. भ्रष्टाचार निरोधक नियामक के गठन की मांग को लेकर हजारे ने 30 जनवरी को अनिश्चितकालीन अनशन की शुरुआत की थी और डॉक्टरों के मुताबिक पिछले 6 दिनों में उनका वजन चार किलो 30 ग्राम कम हो चुका है. फडणवीस दोपहर में हजारे के गांव अहमदनगर जिले के रालेगण सिद्धि पहुंचे और उनसे बातचीत की. केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री सुभाष भामरे, महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन भी उनके साथ थे. मुख्यमंत्री ने हजारे से अनशन खत्म करने का आग्रह किया.Also Read - Maharashtra Lockdown Update: महाराष्ट्र में रेस्तरां और दुकानों को खोलने का समय बढ़ाया गया, 22 अक्टूबर से खुलेंगे मनोरंजन पार्क

Also Read - Mumbai Coronavirus Update: मुंबई में 20 महीनों में पहली बार कोविड से कोई मौत नहीं, पूरे महाराष्ट्र में 1715 नए मामले सामने आए

बता दें कि इससे पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे और जल पुरुष नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह ने सोमवार को हजारे से मुलाकात की और उनके आंदोलन को अपना समर्थन दिया. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनसे समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायणन की तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व करने को कहा. उद्धव ने रविवार को हजारे के आंदोलन को समर्थन दिया था. शिवसेना ने सेामवार को अपने मुखपत्र सामना में संपादकीय लिखकर भाजपा नीत सरकार से उनकी जिंदगी बचाने की अपील की. Also Read - Maharashtra: नांदेड़ से तीन बार सांसद रह चुके भास्‍करराव खतगांवकर ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में वापस लौटे

कार्यकर्ता के एक सहयोगी ने कहा, ”अन्ना ने केंद्र और राज्य सरकारों में लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति को लेकर नाखुशी जताई. अगर फडणवीस कुछ ठोस प्रस्ताव देते हैं तभी किसी समाधान की उम्मीद है.” हजारे ने केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति और किसानों के मुद्दों को सुलझाने की मांग के साथ अनशन की शुरुआत की थी. उन्होंने चुनावों में सुधार के अलावा किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसाओं को लागू करने की भी मांग की है.

बता दें हजारे का बीते 7 दिन में अनशन के दौरान करीब सवा चार किलोग्राम से ज्यादा वजन कम हो गया है. वह लोकपाल की नियुक्ति को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं. हजारे के स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ने के बीच, शिवसेना और मनसे ने भाजपा नीत सरकार से हजारे का जीवन बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की. हजारे ने केन्द्र और महाराष्ट्र में लोकपाल एवं लोकायुक्त नियुक्ति और किसानों के मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र के अहमदनगर में अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में 30 जनवरी को अनशन शुरू किया था.