नई दिल्ली: कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अब कई राज्य सरकारें करंसी नोट के हस्तांतरण को कम करने और कैशलेस व्यवस्था को बढ़ाने पर जोर दे रही हैं. दरअसल प्रत्येक करंसी नोट कई हाथों से होकर गुजरता है और इस दौरान वह अपने साथ संक्रमण को भी एक जगह से कई जगह पहुंचाने का कारण बनता है. संक्रमण को रोकने और सावधानी बरतने के लिए हरियाणा सरकार ने इस विषय में एक अहम अपील की है. Also Read - Covid-19: पुणे में कोरोना वायरस के 52 वर्षीय मरीज की मौत, महाराष्ट्र में मृतकों की संख्या नौ हुई

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा, “संक्रमण के खतरे को दूर करने के लिए सभी व्यापारी नकद मुद्रा के प्रचलन के स्थान पर कैशलैस सुविधा को बढ़ावा दें जैसा कि राज्य सरकार द्वारा कैशलैस को बढ़ावा देने के लिए पहले ही कई आवश्यक कदम उठाए गए हैं. मुख्यमंत्री ने जनता कर्फ्यू के दौरान दैनिक जरूरतों जैसे, किराने की दुकानें, पेट्रोल पंप, दवाईयों की दुकानें इत्यादि खुली रहेंगी. जनता को डरने या घबराने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने आमजन से अपील की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए जनता कर्फ्यू के आह्वान को सफल बनाएं. Also Read - अप्रैल महीने में तेलंगाना हो जाएगा कोरोना मुक्त, मुख्यमंत्री केसीआर ने दी जानकारी

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एक बैठक का आयोजन किया. इस बैठक में सभी जिला उपायुक्तों, जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रकों को राज्य में खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए. मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, “जिला उपायुक्त अपने-अपने जिलों में यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी आवश्यक वस्तु की कोई किल्लत न हो और आवश्यक वस्तुओं के थोक व परचून दरों में कोई अनावश्यक बढ़ोतरी न हो एवं मुनाफाखोरी व जमाखोरी को रोकने के लिये सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं. इसके अलावा, यदि आवश्यक हो तो सभी जिला उपायुक्त अपने जिलों में ऐसे प्रतिष्ठान जो कि आवश्यक वस्तुओं व सेवाओं से जुड़े हुए नहीं हैं, उन्हें बन्द करने के बारे में आवश्यक कार्यवाही कर सकते हैं.” Also Read - लॉकडाउन में कंगना का सबसे बड़ा खुलासा, बोलीं- जब 15 साल की थी घर से भाग गई थी और ड्रग्स की लती होकर...

मुख्यमंत्री ने अनुरोध करते हुए कहा, “संकट की इस घड़ी में राज्य में स्थित सभी प्रकार के व्यवसाय से जुड़े हुए लोग अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों के छुट्टी पर होने की अवस्था में उनका विशेष ध्यान रखते हुये व मानवीय ²ष्टिकोण अपनाते हुये उनके वेतन इत्यादि में कटौती न करें और उन्हें पूर्ण सहयोग प्रदान करें.” उन्होंने निर्देश देते हुए कहा, “रबी की खरीद-2020 अब 1 अप्रैल से शुरू होने जा रही है. इस बारे अनाज मंडियों में भीड़ को एकत्रित होने से रोकने के लिये गेहूं की आवक के लिए भी एक बेहतरीन व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा.”

मुख्यमंत्री ने कहा “राज्य सरकार यह सुचिश्चित करेगी कि आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति और परिवहन में किसी भी प्रकार की बाधा न हो और व्यापारियों को सभी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा.” मुख्यमंत्री ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में जनता को जागरूक करें कि वे किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें.