अमरावती. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी को राज्य विधानसभा चुनाव में दो तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल हुई है. सरकार में आने के बाद उन्होंने शुक्रवार को एक अभूतपूर्व फैसला किया. इसके तहत जगन रेड्डी ने घोषणा की कि उनकी सरकार में विभिन्न समुदायों के 5 डिप्टी सीएम होंगे. जगन रेड्डी के इस फैसले से जहां राजनीतिक जानकारों को हैरानी हुई है, वहीं उनके दल, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक काफी खुश हैं.

दरअसल, अपने पूर्ववर्ती टीडीपी सरकार की नीतियों और योजनाओं को पलटने के बाद जगन रेड्डी की सरकार आंध्र प्रदेश की जनता के सामने नई कार्यशैली अपनाते हुए दिखना भी चाहती है. इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया में भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ लोग जहां जगन रेड्डी के विभिन्न जाति-समुदाय के पांच नेताओं को डिप्टी सीएम बनाने की तारीफ कर रहे हैं. इसे सामाजिक न्याय का सिद्धांत बता रहे हैं. वहीं, सोशल मीडिया में ऐसी भी प्रतिक्रिया आई है जिसमें यह कहा जा रहा है कि यह जाति आधारित राजनीति की पराकाष्ठा हो गई है. बहरहाल, आने वाले दिनों में जगन रेड्डी के इस फैसले का जैसा भी परिणाम होगा, देखा जाएगा. मगर अभी तक उनकी पार्टी के विधायक इसकी तारीफ ही कर रहे हैं.

शुक्रवार की सुबह इस फैसले के बाद उनकी पार्टी के विधायक एमएम शैक ने कहा कि जगन रेड्डी के इस फैसले ने साबित कर दिया है कि वे देश में अब तक के सबसे बेहतरीन मुख्यमंत्री हैं. वहीं, राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी टीडीपी ने इस फैसले पर सामान्य प्रतिक्रिया दी. टीडीपी के प्रवक्ता लंका दिनाकरन ने कहा कि यह सीएम का विशेष अधिकार है कि वह किसे मंत्री के रूप में चुनते हैं. हम तो सिर्फ इतना कहेंगे कि उन पर जनता ने भरोसा किया है और वे इस पर खरे उतरकर दिखाएं.

इससे पहले जगन मोहन रेड्डी अपने 25 सदस्यीय मंत्रिमंडल में पांच उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने का शुक्रवार को फैसला किया. नए मंत्रिपरिषद का गठन शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम में किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने शुक्रवार सुबह यहां अपने आवास में वाईएसआर कांग्रेस विधायक दल की बैठक की जिसमें उन्होंने पांच उप मुख्यमंत्री नियुक्त करने के अपने फैसले की घोषणा की. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और कापू समुदायों से एक-एक उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.

उन्होंने अपने विधायकों को यह भी बताया कि कैबिनेट में मुख्य रूप से कमजोर वर्गों के सदस्य होंगे जबकि अपेक्षा यह की जा रही थी कि रेड्डी समुदाय को मंत्रिमंडल में मुख्य स्थान मिलेगा. रेड्डी ने बताया कि ढाई साल बाद सरकार के प्रदर्शन की समीक्षा के पश्चात फिर से मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाएगा. इससे पहले एन चंद्रबाबू नायडू की सरकार में कापू और पिछड़ा समुदायों का एक-एक उप मुख्यमंत्री बनाया गया था. जगन के इस फैसले को एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है जिसका मकसद इन समुदायों को साधे रखना है.

(इनपुट – एजेंसी)