नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर कहा कि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य योजना केंद्र की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत’ योजना की तुलना में ‘‘10 गुना ज्यादा बड़ी और व्यापक’’ है. केजरीवाल ने कहा कि यदि दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य योजना को बंद कर राष्ट्रीय राजधानी में ‘आयुष्मान भारत’ को लागू किया जाए तो यह दिल्ली के लोगों का नुकसान होगा. आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख केजरीवाल ने ऐसे समय में ये टिप्पणियां की हैं जब दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एक हफ्ते पहले कहा था कि दिल्ली सरकार शहर में ‘आयुष्मान भारत’ योजना लागू नहीं करेगी, क्योंकि वह यहां के सभी निवासियों को इलाज की एकसमान सुविधा मुहैया कराना चाहती है.

भारत से अच्छे रिश्तों के लिए पाकिस्तान ने की गुजारिश, मोदी सरकार से कहा- करें बातचीत

जैन ने यह भी कहा था कि यदि ‘आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ इतनी ही अच्छी है तो हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश के लोगों को इलाज के लिए ‘‘मजबूरन’’ दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में क्यों आना पड़ रहा है. हर्षवर्धन ने दिल्ली, ओड़िशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर उनसे अपने राज्य में ‘आयुष्मान भारत’ योजना लागू करने की अपील की थी. ‘आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ का मकसद हर परिवार को सालाना पांच लाख रुपए का स्वास्थ्य कवरेज मुहैया कराना है. इससे 10.74 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को फायदा मिलने का दावा किया जा रहा है.

मालेगांव धमाके में 6 लोग मारे गए थे, 100 से ज्यादा हुए थे घायल, मगर प्रज्ञा ठाकुर को नहीं कुछ पता

केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा, ‘‘मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि आयुष्मान भारत को दिल्ली में बहुत पहले ही लागू किया जा चुका है. दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत से 10 गुना ज्यादा बड़ी और व्यापक योजना है.’’ हर्षवर्धन को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत लागू होने के बावजूद इन दोनों राज्यों से लाखों मरीज इलाज के लिए हर रोज दिल्ली आते हैं. लेकिन शायद ही दिल्ली का कोई व्यक्ति इलाज के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश जाता है, जिससे संकेत मिलते हैं कि दिल्ली की स्वास्थ्य योजना अच्छी तरह काम कर रही है.