देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में अहम भूमिका निभा रहे ‘कोरोना योद्धाओं’ को सम्मानित करने के लिए माला पहनाने, शॉल ओढ़ाने या गुलदस्ता देने जैसे तरीकों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाएं और हर हाल में सामाजिक दूरी का पालन हो. Also Read - Eid Ul Fitr: कोरोना महामारी के बीच ईद-उल-फितर की नमाज, कहीं नियम मानें तो कहीं उड़ाई धज्जियां

मुख्यमंत्री रावत ने कोविड-19 पर नियंत्रण एवं तीन मई तक लागू लॉकडाउन के बीच रियायतों के संबंध में यहां उच्चाधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि कोरोना के खिलाफ संघर्ष में जुटे लोगों को माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर या गुलदस्ता देकर सम्मानित किया जा रहा है. उन्होंने इस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को कहा. यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रावत ने कहा कि ऐसे लोगों का सम्मान दूर से पुष्प वर्षा से भी किया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन लोगों के बीच सामान वितरित किए जा रहे हैं, उनके साथ भी फोटो न खींची जाए और सामाजिक दूरी का पूरा पालन हो. Also Read - COVID Curfew In Uttarakhand: उत्‍तराखंड में 11 से 18 मई तक कोरोना कर्फ्यू लागू होगा, ये है गाइडलाइंस

रावत ने अधिकारियों से लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के आधार पर ही प्रदेश में रियायतें देने को कहा. उन्होने कहा कि छोटे व्यवसायियों एवं स्थानीय लोगों की आय सृजन के लिए कार्य योजना बनाई जाए. कृषि कार्यों को भारत सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार अनुमति देने का निर्देश देते हुए रावत ने कहा कि स्मार्ट सिटी के कार्य भी कम लोगों के साथ शुरू किए जा सकते हैं. उन्होंने हांलांकि, इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कोरोना वायरस महामारी को लेकर अन्य जगहों की अपेक्षा उत्तराखंड में स्थिति बेहतर है. Also Read - Complete Lockdown in Uttarakhand: उत्तराखंड में एक सप्ताह के लिए लगाया गया पूर्ण लॉकडाउन, सख्त पाबंदियों के साथ गाइडलाइन जारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के मामले पूरे भारत में जहां औसतन 7.5 दिनों में दोगुने हो रहे हैं वहीं उत्तराखंड में ये 26.6 दिन में दोगुना हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से उत्तराखंड कहीं बेहतर स्थिति में है. मुख्यमंत्री ने कोविड-19 के नियंत्रण में स्वास्थ्य, सफाई एवं पुलिस के कार्यों के अलावा जन सहयोग की भी प्रशंसा की. उत्तराखंड में अब तक कोरोना संक्रमण के 46 मामले सामने आ चुके हैं.