बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बिलासपुर जिले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के मामले की दंडाधिकारी से जांच कराने का आदेश दिया है. सिंह आज अटल विकास यात्रा के तहत कोरबा जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के मदनपुर गांव पहुंचे . जहां उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान इस घटना की निंदा करते हुए दंडाधिकारी से जांच कराये जाने की घोषणा की.

रमन सिंह ने कहा कि मंत्री के घर कचरा फेंकने की घटना को वह उचित नहीं मानते हैं. साथ ही कांग्रेस भवन में भी जो घटना घटी वह कहीं से उचित नहीं है. वह इन दोनों घटनाओं को उचित नहीं मानते हैं.

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता शांतिप्रिय है. यह शांतिप्रिय राज्य है. यहां सभी राजनीतिक दलों के लोगों के बीच सम्मान है. मैं इन घटनाओं की निंदा करता हूं. मंत्री के घर कचरा फेंकने के साथ-साथ कांग्रेस भवन में घटी घटना की मैं दंडाधिकारी से जांच कराने की घोषणा करता हूं. जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्यवाही होगी.

इधर मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बिलासपुर जिले के कलेक्टर पी. दयानंद ने बुधवार शाम को जांच के बिन्दु तय कर दिए. इस घटना की जांच के लिए सात बिंदु तय किए गए हैं. बिलासपुर कलेक्टर ने अपर जिला दंडाधिकारी भगवान सिंह उईके को इस मामले में जांच अधिकारी नियुक्त किया है. दयानंद ने बताया कि अपर जिला दंडाधिकारी भगवान सिंह उईके तीन माह के भीतर जांच प्रतिवेदन सौपेंगे.

वहीं बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक आरिफ एच शेख ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हुए बल प्रयोग की विभागीय तौर पर वह स्वयं जांच करेंगे. उन्होंने बताया कि दंडाधिकारी जांच और विभागीय जांच एक साथ चलेगी और जल्द जांच की रिपोर्ट सामने आ जाएगी.

बिलासपुर जिला मुख्यालय में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री तथा नगर विधायक अमर अग्रवाल के निवास में विरोध-प्रदर्शन करते हुए कचरा फेंक दिया था.

कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस भवन पहुंचे तब पुलिस उन्हें गिरफतार करने कांग्रेस भवन पहुंच गई और यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के मध्य झड़प हो गई. बाद में पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया.

इस घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिविल लाईन थाने का घेराव कर दिया. कांग्रेस कार्यकर्ता इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर को तत्काल प्रभाव से हटाने और मामले की जांच उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग कर रहे थे.

(इनपुट: एजेंसी)