नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति से बड़ी खबर है. महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की कुर्सी बची रहे, इसके लिए कांग्रेस (Congress) ने बड़ी रणनीति बना ली है. इस रणनीति के अनुसार कांग्रेस एमएलसी चुनाव से अपने एक उम्मीदवार राज किशोर मोदी को हटाने जा रही है. ऐसा होने पर उद्धव ठाकरे को निर्विरोध एमएलसी चुन लिया जाएगा. और एमएलसी बनने पर उद्धव की मुख्यमंत्री की कुर्सी को कोई खतरा नहीं होगा. Also Read - कांग्रेस ने कहा- एक साल में केंद्र ने देश को निराशा और पीड़ा दी, 'बेबस लोग, बेरहम’ सरकार’ का नारा भी दिया

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रमुख बालासाहेब थोराट ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे निर्विरोध विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) बनने वाले हैं क्योंकि कांग्रेस अपना एक उम्मीदवार हटाएगी. कांग्रेस पार्टी ने तय किया है कि वह अपने दूसरे उम्मीदवार को चुनाव से हटा रही है. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, राज किशोर मोदी कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार थे, लेकिन कांग्रेस ने उनकी जगह उद्धव ठाकरे को उतारने का फैसला किया है. इस तरह से उद्धव का चुना जाना तय है. ये चुनाव 21 मई को होने हैं. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

बता दें कि उद्धव ठाकरे अब तक विधायक या एमएलसी नहीं हैं. इसलिए उनकी कुर्सी खतरे में थी. संविधान के मुताबिक किसी मुख्यमंत्री या मंत्री को शपथ लेने के छह महीने के अंदर विधानसभा या विधानपरिषद में से किसी की सदस्यता ग्रहण करनी होती है, ऐसा नहीं होने पर उसे इस्तीफा देना पड़ता है. उद्धव ठाकरे ने 28 नवंबर 2019 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उनके छह महीने 28 मई 2020 को पूरे हो रहे हैं. महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार ने हाल ही में कैबिनेट की एक बैठक में ठाकरे का नाम राज्यपाल द्वारा विधान परिषद के लिये नामित किए जाने वाले सदस्य के तौर पर सुझाया था.

शिवसेना ने इसे लेकर राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी पर निशाना साधा था कि वह एमएलसी पद के लिए उद्धव ठाकरे को नामित नहीं कर रहे हैं. जबकि वह अपने कोटे से ऐसा कर सकते हैं. इसे लेकर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि “राज भवन, राज्यपाल का आवास राजनीतिक साजिश का केंद्र नहीं बनना चाहिए. याद रखिए, वरना इतिहास उन लोगों को नहीं छोड़ता जो असंवैधानिक व्यवहार करते हैं.” मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav thackarey) को विधान परिषद (MLC) का सदस्य निर्वाचित करने में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की तरफ से मंजूरी न मिलने पर शिवसेना का गुस्सा फूट पड़ा था. वहीं अब कांग्रेस ने नई रणनीति बनाते हुए इसकी ज़रूरत ही ख़त्म कर दी है.