उत्तर प्रदेश| सीएम योगी आदित्यनाथ आज जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की बर्बर कार्रवाई में शहीद हुए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के घर देवरिया पहुंचे. योगी के आने की खबर मिलते ही अधिकारियों द्वारा शहीद के घर को पूरी तरह से सजा दिया गया. लेकिन थोड़ी ही देर में उस घर की सारी असलियत सामने थी.Also Read - UP Corona Update: कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर बोले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, सतर्कता जरूरी और...

शनिवार को योगी का बीएसएफ के शहीद हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के घर जाने का कार्यक्रम था. इसे देखते हुए शहीद के घर के जिस कमरे में सीएम योगी उनके परिजनों से मिलने वाले थे, उसमें एसी सोफा और कालीन भी बिछा दिया गया लेकिन जैसे ही योगी शहीद के परिवार से मिलकर रवाना हुए, उसके आधे घंटे बाद ही सब कुछ वहां से हटा लिया गया. Also Read - UPTET Exam Update: एक माह के अंदर दोबारा होगा UPTET Exam, पेपर लीक कराने वालों के खिलाफ रासुका लगाएगी योगी सरकार

शहीद प्रेम सागर के बेटे ईश्वर चंद्र ने बताया कि जिस कमरे में हमें योगी से मिलना था उसमें शुक्रवार सुबह से ही बांस-बल्ली के सहारे एसी लगा दिया गया था. इतना ही नहीं, घर के तौलिए तक बदल दिए गए. जिला प्रशासन ने रात में ही मजदूरों को लगाकर घर के अंदर पेंट भी कर दिया. गांव की सड़कें भी रातों-रात चमक गईं. नालियों को भी साफ करा दिया गया. Also Read - Jewar International Airport: PM Narendra Modi आज पहुंचेंगे जेवर, करेंगे एयरपोर्ट का शिलान्यास

क्या था मामला

गौरतलब है कि साम्भा से शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव भाटपाररानी क्षेत्र के टीकमपार लाए जाने पर परिवार के लोगों के साथ ही क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री को गांव में बुलाने की मांग की थी. लोगों का कहना था कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं आएंगे वे शहीद का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. मामले की गम्भीरता देख गांव में मौजूद कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने मोबाइल फोन पर मुख्यमंत्री से परिवार के लोगों की बात कराई. उनसे बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 दिन के अंदर शहीद के घर आने का आश्वासन दिया था.

योगी ने जवाने के परिवार को छह लाख रूपए अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने व शहीद के एक पुत्र को नौकरी की घोषणा भी की. साथ ही उन्होंने गांव के विद्यालय का नाम शहीद के नाम पर रखने और शहीद के नाम पर गांव का प्रवेश द्वार बनवाने की भी घोषणा की.