Naveen Patnaik 09653

भुवनेश्वर, 6 अप्रैल| सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को तालाबिरा-2 कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सम्मन भेजने की मांग की गई थी। यह जानकारी यहां याचिकाकर्ता के वकील ने दी। न्यायमूर्ति वी. गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति सी. नागप्पन की पीठ ने याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह भी पढ़े-कोयला ब्लॉक मामले में मनमोहन को सम्मन पर रोक

याचिकाकर्ता एन.के. साहू के वकील ने कहा कि न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता को यह याचिका दाखिल करने का अधिकार नहीं है। न्यायालय ने उन पर एक लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।”

साहू ने 11 मार्च को दायर याचिका में कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारेख को सम्मन भेजा गया, लेकिन पटनायक को सम्मन नहीं भेजा गया। यह भी पढ़े-कोयला घोटाला : सीबीआई ने 40वीं प्राथमिकी दर्ज की

उन्होंने आग्रह किया कि ओडिशा के मुख्यमंत्री को भी सम्मन भेजा जाए, क्योंकि उनके पत्र ने ही बिड़ला के पक्ष में आवंटन का पलड़ा झुकाया था।

पटनायक ने 2005 में मनमोहन सिंह को एक पत्र लिख कर ब्लॉक का आवंटन हिंडाल्को को करने का अनुरोध किया था। सर्वोच्च न्यायालय मनमोहन सिंह को भेजे गए सम्मन पर रोक लगा चुका है। यह भी पढ़े- कोयला घोटाला : सीबीआई ने पेश की अंतिम रिपोर्ट