Rajnath Singh at FICCI’s 93rd Annual General Meeting: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को सशस्त्र बलों की सराहना करते हुए कहा कि जब दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही थी, तब भारतीय सशस्त्र बल हमारी सीमाओं की बहादुरी से रक्षा कर रहे थे. सिंह ने कहा कि कोई वायरस हमारे सशस्त्र बलों को उनकी ड्यूटी करने से नहीं रोक सकता.Also Read - विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी समकक्ष वांग यी से की मीटिंग, पूर्वी लद्दाख में सैनिकों की वापसी पर चर्चा की

हिमालय की सीमाओं पर अक्रामकता की स्थिति पर उन्होंने कहा , ‘‘हिमालय की हमारी सीमाओं पर बिना किसी उकसावे के अक्रामकता दिखाती है कि दुनिया कैसे बदल रही है, मौजूदा समझौतों को कैसे चुनौती दी जा रही है.’’ Also Read - PM मोदी ने कहा- 21वीं सदी के भारत की सैन्य ताक़त को हर तरह से मजबूत बनाने में जुटे हैं

वहीं लद्दाख में बल के साहस की उन्होंने सराहना की और कहा कि लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सशस्त्र बलों की भारी तैनाती है और इन परीक्षा की घड़ियों में हमारी सेनाओं ने अनुकरणीय साहस दिखाया है . Also Read - PAK बॉर्डर से लगे राजस्‍थान में NH पर IAF के फाइटर्स जेट्स की लैंडिंग, रक्षा मंत्री बोले-भारत किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हमेशा तैयार

सिंह ने कहा, ‘‘ हमारे सशस्त्र बलों ने उनका (चीनी सेना) बेहद बहादुरी से सामना किया और उन्हें वापस जाने को मजबूर किया .’’

सीमा पार आतंकवाद और पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ हम सीमापार आतंकवाद के शिकार रहे हैं, इस संकट से हम उस समय भी अकेले लड़ते रहे जब हमारा समर्थन करने वाला कोई नहीं था.’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया भर के देशों को यह समझ आ गया है कि हम इस बारे में सही थे कि पाकिस्तान आतंकवादियों का गढ़ बन रहा है.’’

देश में जारी किसान आंदोलन के बीच सिंह ने कहा, ‘‘ हमारे कृषि क्षेत्र के खिलाफ प्रतिगामी कदम उठाने का कोई सवाल ही नहीं उठता.’’ रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘कृषि एक ऐसा क्षेत्र है, जो कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के प्रतिकूल प्रभावों से बचने में सक्षम रहा.’’