नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने असम विधानसभा और स्थानीय निकायों में असम के लोगों के लिए सीटों के आरक्षण के उचित स्तर का आकलन करने और उन्हें अन्य सुरक्षा उपाय प्रदान करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है.

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असमिया लोगों के लिए
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1985 के असम समझौते के अनुसार उठाये गये कदमों के प्रभाव का आकलन करने का निर्णय लिया था. इस समिति का नेतृत्व पूर्व केंद्रीय पर्यटन सचिव एम पी बेजबरुआ करेंगे. गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि यह समिति असम समझौते की धारा 6 को लागू करने के लिए 1985 के बाद से उठाये कदमों की प्रभावकारिता की जांच करेगी. अधिसूचना में कहा गया, “समिति असमिया लोगों के लिए असम विधानसभा और स्थानीय निकायों में सीटों के आरक्षण के उचित स्तर का आकलन करेगी.’’ उसमें कहा गया, “समिति असम के लोगों के लिए असम सरकार की नौकरियों में आरक्षण के उचित स्तर की भी सिफारिश करेगी.”

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अधिसूचना में कहा गया कि यह समिति सामाजिक संगठनों, कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों, कला, संस्कृति एवं साहित्य के क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, संरक्षणवादियों, अर्थशास्त्रियों, भाषाविदों और समाजशास्त्रियों सहित इसके विभिन्न हितधारकों के साथ भी विचार-विमर्श करेगी.(इनपुट एजेंसी)