Delhi Vidhan sabha election result 2020
नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त के बाद पार्टी के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको के एक बयान से घमासान शुरू हो गया है और कई नेताओं ने चाको पर हमला बोला है. दरअसल, कांग्रेस नेता चाको ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का पतन 2013 में शुरू हुआ जब शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थीं.

वहीं, सियासी घमासान के बीच सीनियर नेता कपिल सिब्‍बल ने दिल्‍ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार को लेकर कहा है कि कांग्रेस के पास प्रोजेक्‍ट करने के लिए एक नेता है. वहीं, मंगलवार को संदीप दीक्षित ने अपनी मां के साथ कांग्रेस नेताओं के व्‍यवहार को लेकर सवाल उठाया था.

पीसी चाको ने कहा एक नई पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) के उदय ने कांग्रेस के पूरे वोट बैंक को छीन लिया. हम इसे कभी वापस नहीं पा सके. यह अभी भी आप के साथ बना हुआ है.

पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवड़ा ने इसको लेकर चाको पर निशाना साधा और कहा कि चुनावी हार के लिए दिवंगत शीला दीक्षित को जिम्मेदार ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है. देवड़ा ने कहा, ”शीला दीक्षित जी एक बेहतरीन राजनीतिज्ञ और प्रशासक थीं. मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान दिल्ली की तस्वीर बदली और कांग्रेस पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई. उनके निधन के बाद उनको जिम्मेदार ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने अपना जीवन कांग्रेस और दिल्ली के लोगों के लिए समर्पित कर दिया.”

शीला दीक्षित के करीबी रहे कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी चाको पर निशाना साधते हुए कहा, ” 2013 में जब हम हारे तो कांग्रेस को दिल्ली में 24.55 फीसदी वोट मिले थे. शीला जी 2015 के चुनाव में शामिल नहीं थीं, जब हमारा वोट प्रतिशत गिरकर 9.7 फीसदी हो गया. 2019 में जब शीला जी ने कमान संभाली तो कांग्रेस का वोट प्रतिशत 22.46 फीसदी हो गया.”

बता दें कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 62 सीटें हासिल करके शानदार जीत दर्ज की है. बीजेपी को महज आठ सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला.

कांग्रेस का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 62 सीटें हासिल करके शानदार जीत दर्ज की है. भाजपा को महज आठ सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला.

कांग्रेस के 66 में 63 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया है और चुनाव परिणामों के मुताबिक पार्टी को पांच फीसदी से भी कम वोट मिले हैं. कांग्रेस के 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली में 15 साल तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव में एक भी सीट जीतने में नाकाम रही.

शर्मिष्‍ठा ने चिंदबरम को दिया जवाब- तो पीसीसी अपनी दुकान बंद कर दे
दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) की जीत को कांग्रेस नेता पी चिदंबरम द्वारा विपक्ष का हौसला बढ़ाने वाला परिणाम करार दिए जाने पर उनकी ही पार्टी की नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने आपत्ति जताते हुए बुधवार को कहा कि अगर कांग्रेस ने भाजपा को पराजित करने का काम क्षेत्रीय दलों को आउटसोर्स कर दिया है तो प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (पीसीसी) को अपनी दुकान बंद कर देना चाहिए.

अपनी करारी शिकस्त की चिंता करने की बजाय आप की जीत पर खुशी क्यों मना रहे हैं?
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रमुख शर्मिष्ठा ने चिदंबरम के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, ” सर, पूरे सम्मान के साथ कहना चाहती हूं कि क्या कांग्रेस ने भाजपा को पराजित करने के लिए प्रादेशिक स्तर के दलों को आउटसोर्स कर रखा है? अगर ऐसा नहीं है तो हम अपनी करारी शिकस्त के बारे में चिंता करने की बजाय आम आदमी पार्टी की जीत पर खुशी क्यों मना रहे हैं? और अगर यह ‘हां’ है तो फिर हमें (पीसीसी) दुकान बंद कर देनी चाहिए.”

चिदंबरम ने कहा था- दिल्ली का मत विपक्ष का यह विश्वास बढ़ाने वाला है
दरअसल, चिदंबरम ने ट्वीट किया था, ”अगर मतदाता उन राज्यों के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां से वे आए थे, तो दिल्ली का मत विपक्ष का यह विश्वास बढ़ाने वाला है कि भाजपा को हर राज्य में हराया जा सकता है. दिल्ली का वोट राज्य विशेष के वोट की तुलना में अखिल भारतीय वोट है क्योंकि दिल्ली एक मिनी इंडिया है.”

मैं अपने हिस्से की जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं
शर्मिष्ठा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद मंगलवार को भी पार्टी के शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में विलंब और एकजुटता में कमी की बात कही थी. उन्‍होंने कहा था, ”हम दिल्ली में फिर हार गए. आत्ममंथन बहुत हुआ अब कार्रवाई का समय है. शीर्ष स्तर पर निर्णय लेने में देरी, राज्य स्तर पर रणनीति और एकजुटता का अभाव, कार्यकर्ताओं का निरुत्साह, नीचे के स्तर से संवाद नहीं होना आदि हार के कारण हैं. मैं अपने हिस्से की जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं.”

शर्मिष्‍ठा ने उठाया था सवाल
शर्मिष्ठा ने सवाल किया था, ” भाजपा विभाजनकारी राजनीति कर रही है, केजरीवाल ‘स्मार्ट पॉलिटिक्स’ कर रहे हैं और हम क्या कर रहे हैं? क्या हम ईमानदारी से कह सकते हैं कि हमने घर को व्यवस्थित रखने के लिए पूरा प्रयास किया?”

पहले शीला जी का अपमान किया फिर उनके काम पर वोट मांगे, कौन भरोसा करेगा: संदीप दीक्षत
दिल्‍ली विधानसभा 2020 के चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद संदीप दीक्षित Sandeep Dikshit ने मंगलवार को कहा था. पार्टी के कुछ सीनियर नेताओं पिछले 6-7 साल से न केवल उनको बेइज्‍जत किया और शीला को अपशब्‍द कहे. यहां तक कि जब हम सत्‍ता में थे, तब भी ऐसा किया. अगर आप एक हाथ से ऐसा करते हो, कांग्रेस की हार में भूमिका निभाते हो और बाद में उनके काम को क्रेडिट देते हो, तब आपका विश्‍वास कौन करेगा. संदीप दीक्षित ने कहा, कांग्रेस के प्रदर्शन का आश्‍चर्यजनक नहीं है. हम कहीं नहीं थे. हमने शीला जी के किए कामों को दिखाने की कोशिश की लेकिन यह बहुत बाद में हुआ, क्‍योंकि दुर्भाग्‍य से सुभाष चौपड़ा जी को देरी से जिम्‍मेदारी दी गई.