नई दिल्ली: कांग्रेस ने लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय-चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प में तीन भारतीय जवानों के शहीद होने की घटना को चौंका देने वाला करार दिया है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “चौंका देने वाला, अविश्वसनीय और अस्वीकार्य. क्या रक्षामंत्री पुष्टि करेंगे?” इसके साथ ही कांग्रेस ने ये मोदी सरकार से चार सवाल पूछे हैं. Also Read - देश में आर्थिक संकट पर शरद पवार बोले- भारत को इस समय एक मनमोहन सिंह की जरूरत

कांग्रेस ने पूछा कि क्या ये सच है कि चीनी सेना ने गलवान गहती में भारतीय सेना एक अधिकारी और सैनिकों को मार डाला है? और कई घायल भी हुए हैं. यदि हाँ तो पीएम मोदी और रक्षामंत्री पूरी तरह चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? Also Read - 'गहलोत सरकार पर कोई संकट नहीं, बीजेपी के विधायक भी हमारे संपर्क में'

दूसरा सवाल कांग्रेस ने पूछा है कि क्या प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री इस बात पर राष्ट्र को विश्वास में लेंगे कि हमारे अधिकारी और सैनिक ऐसे समय में कैसे शहीद हो सकते हैं जबकि चीनी सेना कथित तौर पर गलवान घाटी को हमारे क्षेत्र से कब्जा छोड़कर वापस जा रही थी? हमारे जवान और एक अफसर किन परिस्थितियों में शहीद हुए हैं? जब ये सब रात में हुआ तो इसकी जानकारी आज दोपहर 12.52 पर इतनी देर में क्यों दी गई. और इस जानकारी में कुछ देर में ही संसोधन क्यों किया गया? Also Read - बीजेपी के संपर्क में हैं सचिन पायलट, कभी भी छोड़ सकते हैं कांग्रेस, कहा- बेइज्जती बर्दाश्त नहीं

तीसरा सवाल ये पूछा कि पीएम और रक्षामंत्री ने अप्रैल/मई 2020 से चीनी सेना द्वारा हमारे क्षेत्र पर कब्जे के बारे में चुप्पी बनाए रखी है और सार्वजनिक पटल पर किसी भी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया. क्या ये बताया बताने का साहस किया जाएगा कि अप्रैल/मई 2020 तक भारत की सीमा को कितने क्षेत्र में चीन ने अवैध कब्ज़ा कर लिया है?

चौथा सवाल ये पूछा गया कि क्या पीएम बतायेंगे कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के लिए पैदा हुई इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार की नीति क्या है?

बता दें कि कांग्रेस हाल के दिनों में यह मुद्दा उठाती रही है और इस पर स्पष्टीकरण की मांग करती रही है. रणदीप ने कहा, “कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी स्टैंड-ऑफ के बारे में सवाल किया था, लेकिन सरकार ने हमें अनदेखा कर दिया.” सोमवार रात को गलवान घाटी में सेनाओं के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान हुई हिसंक झड़प में भारतीय सेना के एक कर्नल और दो जवान शहीद हो गए.