नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सरकार गठन में हो रही देरी के बाद अब कांग्रेस ने भी अपनी राजनीति शुरू कर दी है. कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि आज सुबह 10 बजे पार्टी ने इस मुद्दे पर बैठक बुलाई है. खड़गे ने कहा कि पार्टी सोनिया गांधी के निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि जनता ने हमें विपक्ष में बैठने के लिए चुना है और अभी तक हमारा यही निर्णय है. अब इस बैठक के बाद ये तय किया जाएगा कि पार्टी का अगला कदम किस ओर होगा.

भाजपा द्वारा सरकार बनाने से इनकार करने और शिवसेना को राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने का न्योता मिलने के बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल काफी तेज हो गई, जिसके चलते कांग्रेस के बड़े नेताओं ने रविवार देर रात बैठक बुलाई और चर्चा किया. कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र के सभी कांग्रेस विधायक रविवार को जयपुर पहुंच गए हैं और शिवसेना के नेतृत्व में सरकार गठन की संभावना पर चर्चा कर रहे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता भी बैठक में भाग ले रहे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के भी जयपुर पहुंचने की संभावना है. बैठक के बाद, कांग्रेस नेताओं के दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने की संभावना है.

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हालांकि, महाराष्ट्र में पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने कहा कि शिवसेना को पहले भाजपा-नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) से बाहर निकलना होगा, फिर उसको समर्थन देने पर कोई चर्चा होगी. इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण ने कहा कि पार्टी के नव-निर्वाचित विधायक राज्य में राजनीतिक रूख को लेकर आलाकमान से सलाह लेंगे. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम जयपुर में हैं. हम मुद्दे पर यहां चर्चा करेंगे और भविष्य के राजनीतिक रूख पर सलाह लेंगे. पार्टी राज्य में राष्ट्रपति शासन नहीं चाहती है.’’

चव्हाण ने कहा कि वह महाराष्ट्र में सरकार बनाने के पक्ष में हैं. इससे पहले, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों से मुलाकात कर राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की. अशोक चव्हाण, पृथ्वीराज चव्हाण और बालासाहेब थोराट जैसे वरिष्ठ नेताओं सहित सभी 44 विधायक महाराष्ट्र में सरकार बनाने के गतिरोध के मद्देनजर खरीद फरोख्त का शिकार होने के डर से कांग्रेस शासित राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक रिसॉर्ट में ठहरे हैं. गौरतलब है कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने विधानसभा चुनाव में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी शिवसेना को सरकार बनाने का रविवार को न्योता दिया.

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सरकार बनाने से भाजपा के इनकार करने के कुछ घंटे बाद राज्यपाल ने यह कदम उठाया. राजभवन के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘शिवसेना को सरकार बनाने पर सोमवार (11 नवंबर) शाम साढ़े सात बजे तक अपने रुख से राज्यपाल को अवगत कराना होगा.’’ उल्लेखनीय है कि राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में 288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा को 105, शिवसेना को 56 सीटों पर जीत मिली. वहीं, विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को क्रमश: 44 और 54 सीटों पर जीत मिली है.