नई दिल्ली. हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के बाद एक खबर मीडिया में सुर्खियों में आई थी कि यह चुनाव, अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव से भी ज्यादा खर्चीला रहा. एक अनुमान के अनुसार लोकसभा चुनाव कराने में देश को लगभग 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च करना पड़ा. ऐसे में सहसा ही इस बात पर चर्चा छिड़ गई कि क्या अब पीएम नरेंद्र मोदी के ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ (One nation, One Election) संबंधी प्रस्ताव पर ध्यान देना जरूरी हो गया है. केंद्र में दोबारा सरकार गठन के बाद पीएम मोदी ने इसके लिए सभी दलों से एक मंच पर आकर निर्णय लेने का आग्रह किया है. पीएम मोदी ने इसके लिए 19 जून यानी बुधवार को ही सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है. पीएम के प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने मंगलवार को बैठक की, जिसमें इस मामले पर बुधवार की सुबह फैसला लेने की बात कही गई. Also Read - PM Narendra Modi Reaction After Vaccination: वैक्सीन लगाने के बाद पीएम ने दिया ये रिएक्शन- लगा भी दिया...

कांग्रेस एवं उसके सहयोगी दलों की बैठक के बाद कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विषय पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में अपने रुख को लेकर बुधवार सुबह फैसला करेंगे. कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के घटक दलों की बैठक हुई, हालांकि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विषय पर कोई फैसला नहीं हुआ. Also Read - पीएम मोदी ने AIIMS में लिया Bharat Biotech COVAXIN का पहला डोज, लोगों से की ये अपील...देखें VIDEO

बैठक के बाद इस बारे में पूछे जाने पर सोनिया गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आप को इस पर कल बताया जाएगा.’’ सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस और सहयोगी दल बुधवार सुबह संसद भवन में मुलाकात बैठक करेंगे जिसमें यह फैसला होगा कि प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई बैठक में उनका क्या रुख रहेगा. वैसे, कांग्रेस एवं कई विपक्षी दल एक साथ चुनाव के विचार का अतीत में विरोध करते रहे हैं. Also Read - Mann Ki Baat Live in Hindi: मन की बात में बोले PM मोदी, 'पानी, पारस से भी महत्वपूर्ण, यह हमारे लिए जीवन भी और आस्था भी है'

(इनपुट – एजेंसी)