नई दिल्ली. संसद का बजट सत्र पूरी तरह हंगामे की भंटे चढ़ जाने के बाद सरकार और विपक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. नरेंद्र मोदी सरकार की कथित नाकामियों और संसद ठप होने के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसी सोमवार को एक दिन का उपवास कर रहे हैं. राहुल गांधी दोपहर करीब 1 बजे राज घाट पहुंचे. इस दौरान उनके साथ कई सीनियर कांग्रेस नेता भी थे. Also Read - बिहार में कांग्रेस विधायक संतोष मिश्रा के भतीजे की गोली मारकर हत्या, हमलावरों ने बरसाईं अंधाधुंध गोलियां

राहुल के उपवास को लेकर राजघाट में एक विवाद भी हो गया. बताया जा रहा है कि उपवास कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार भी पहुंचे थे. इस दौरान किसी ने मंट से हटने को कहा. हालांकि, जगदीश टाइटलर ने इससे सीधे तौर पर इनकार कर दिया.

बीजेपी ने साधा निशाना
बीजेपी ने कहा, उपवास का उपहास कर रहे हैं राहुल गांधी. कांग्रेस के उपवास में सिख दंगे के आरोपी भी हैं. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, कांग्रेस ने आंबेडकर को जीते जी मार दिया. राहुल गांधी मिथ्याग्रह कर रहे हैं. कांग्रेस आज खुद के जाल में फंस गई.

बता दें कि संसद सत्र नहीं चलने देने का आरोप लगाते हुए बीजेपी ने 12 अप्रैल को अपने सांसदों द्वारा उपवास की घोषणा की है. उसका आरोप है कि विपक्ष ने संसद की कार्यवाही में व्यवधान डाला और सत्र नहीं चलने नहीं दिया. बीते 5 मार्च से शुरू से शुरू बजट सत्र में लोकसभा और राज्यसभा में किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई. सत्र में दोनों सदनों में एक दिन भी प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चला. लोकसभा में केवल वित्त विधेयक पारित हो सका है. उसे भी निचले सदन में हंगामे के दौरान ही पारित करना पड़ा.

संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा था कि कांग्रेस की राजनीति बंटवारे की है. वह संसद नहीं चलने देना चाहते. पिछले 23 दिन कांग्रेस ने नकारात्मक राजनीति कर संसद ठप किया. बीजेपी इसके खिलाफ धरना देगी.