नई दिल्ली: राफेल मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों को ‘झूठा’ और पूर्ववर्ती यूपीए सरकार पर देश की सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें स्वभाविक रूप से सचाई नापसंद होती है. उन्हें सिर्फ पैसे का गणित समझ में आता है, देश की सुरक्षा का नहीं. जेटली ने गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह यूरो फाइटर की याद में राफेल का तीर चला रहे हैं. बहस के बीच में दखल देते हुए जेटली ने कहा कि दुख की बात है कि देश की सबसे पुरानी पार्टी की कमान जिस भद्र पुरुष के हाथ में है, वह इतना भी नहीं जानता कि लड़ाकू विमान क्या होता है. जेटली ने कहा कि कांग्रेस और गांधी महज ‘500 करोड़ रुपए बनाम 1,600 करोड़ रुपए’ पर दलील का सहारा ले रहे हैं.

जेपीसी की मांग ताकि सरकार के खिलाफ मामला गढ़ने का मौका मिल सके
जेपीसी की मांग को खारिज करते हुए जेटली ने कहा कि इसमें संयुक्त संसदीय समिति नहीं हो सकती है, यह नीतिगत विषय नहीं है . यह मामला सौदे के सही होने के संबंध में है. उच्चतम न्यायालय में यह सही साबित हुआ है. उन्होंने कहा कि जेपीसी में दलगत राजनीति का विषय आता है. बोफोर्स मामले में जेपीसी ने कहा था कि इसमें कोई रिश्वत नहीं दी गई. अब वे ही लोग जेपीसी की मांग कर रहे हैं, ताकि एक स्वच्छ सरकार के खिलाफ मामला गढ़ने का मौका मिल सके.

यूरो फाइटर की याद में राफेल का तीर चला रहे राहुल गांधी
राफेल विमान सौदा मुद्दे पर लोकसभा में चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए जेटली ने कहा, ”यह एक ऐसा मामला है, जिसमें पहले से लेकर अंतिम शब्द तक.. जो भी बोला गया, पूरी तरह से झूठ है.” उन्होंने कहा कि कई रक्षा सौदों के षड्यंत्रकारियों का यह दुस्साहस है कि वे दूसरों पर सवाल कर रहे हैं. जेटली ने गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह यूरो फाइटर की याद में राफेल का तीर चला रहे हैं.

राहुल कोई टेप लेकर आए हैं और इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं
जेटली ने कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिन्हें स्वभाविक रूप से सचाई नापसंद होती है. इनकी :गांधी परिवार: विरासत यही रही है. यह सिलसिला सेंट किट्स मामले से शुरू होता है. इसमें भी इनकी बात गलत निकली. फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति मैक्रो के संदर्भ में भी जो बात कही, उसे गलत बताया गया. जेटली ने कहा कि आज ये (राहुल) कोई टेप लेकर आए हैं और इसकी पुष्टि नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वह गलत है. यह पूरी तरह से मनगढंत है. ये बातें गलत और त्रुटिपूर्ण हैं.

इन्हें संक्षेपण, कौमा और अंकगणित की समझ ज्यादा
वित्त मंत्री ने गांधी परिवार पर निशाना साधने के लिए बोफोर्स, अगस्ता वेस्टलैंड और नेशनल हेराल्ड मामले का उल्लेख किया. वित्त मंत्री ने कहा कि बोफोर्स मामले में ‘क्यू’ के संदर्भ में यह बात सामने आई थी कि इन्हें हर कीमत पर बचाया जाना चाहिए. राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इसलिये इन्हें संक्षेपण, कौमा और अंकगणित की समझ ज्यादा है.

साजिशकर्ता रक्षा सौदे पर सवाल उठाने की गुस्ताखी कर रहे हैं
गांधी परिवार का नाम लिए बगैर जेटली ने सवाल किया कि बोफोर्स मामले, नेशनल हेराल्ड मामले और अगस्ता वेस्टलैंड मामले में एक ही परिवार का नाम क्यों आया. उन्होंने कहा, “अगर एक मामला होता तो हम उनको संदेह का लाभ देते, लेकिन तीन मामले कुछ अधिक हो गए हैं.” जेम्स बांड मूवी के प्रसिद्ध डायलॉग का जिक्र करते हुए वित्तमंत्री ने कहा, “अगर यह एक बार हुआ होता तो इत्तेफाक होता. अगर दो बार हुआ होता तो यह संयोग होता, मगर तीन बार होने पर यह एक साजिश है.” उन्होंने कहा, “और आज भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले साजिशकर्ता रक्षा सौदे पर सवाल उठाने की गुस्ताखी कर रहे हैं.

अगस्ता वेस्टलैंड मामले में ‘मिसेज गांधी’ और ‘आर’ का इस्तेमाल
जेटली ने कहा कि हेराल्ड मामले में क्या हुआ, किस प्रकार से सम्पत्ति को निजी संपत्ति बना दिया गया. अगस्ता वेस्टलैंड मामले में जिन महाशय को लाया गया है, उससे संबंधित एक ईमेल में ‘मिसेज गांधी’ और ‘आर’ संक्षेपण का इस्तेमाल किया गया है.

संसद नारेबाजी और हंगामा
सदन में जब चर्चा चल रही थी तब अन्नाद्रमुक, तेदेपा सदस्य आसन के समीप नारेबाजी कर रहे थे. बाद में कांग्रेस सदस्य भी आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे. कांग्रेस के एक सदस्य ने कागज का विमान भी उड़ाया. हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी.

पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया
जेटली ने कहा कि पूरी प्रक्रिया का पालन किया गया. अनुबंधन वार्ता समिति, कीमत वार्ता समिति आदि की 74 बैठकें हुई . उच्चतम न्यायालय को इसकी जानकारी दी गई . इसके बाद यह रक्षा खरीद परिषद में गया और फिर सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडल समिति की मंजूरी ली गई.

कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को ऑफसेट का पता नहीं है
वित्त मंत्री ने कहा कि 2016 में जो सौदा हुआ, उसके आधार पर बेयर एयरक्राफ्ट (विभिन्न युद्धक प्रणालियों से विहीन विमान) का दाम यूपीए की कीमत से 9 प्रतिशत कम था और हथियारों से युक्त विमान की बात करें तब यह यूपीए की तुलना में भी 20 प्रतिशत सस्ता था. जेटली ने कहा कि क्या एक औद्योगिक घराने को लाभ दिया है. कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष को ऑफसेट का पता नहीं है, यह दुख की बात है.

कांग्रेस घोटालों से जुड़ी पार्टी है
जेटली ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बोफोर्स, अगस्ता मामले में जुड़ी है, घोटालों से जुड़ी है. ऑफसेट का मतलब है कि किसी विदेशी से सौदा करते हैं तो कुछ सामान अपने देश में खरीदना होता है. राफेल में 30 से 50 प्रतिशत सामान भारत में खरीदने की बात है .

ऐसे दल के अध्यक्ष से नासमझी की अपेक्षा नहीं है
जेटली ने कहा कि कुल ऑफसेट 29 हजार करोड़ रुपए का और आरोप 1.30 लाख करोड़ रुपए का लगाया जा रहा है. ऑफसेट तय करने का काम विमान तैयार करने वाली कंपनी का है. जेटली ने कहा कि ऐसी नासमझी की एक ऐसे दल के अध्यक्ष से अपेक्षा नहीं है, जिसे बड़े बड़े दिग्गज लोगों ने नेतृत्व प्रदान किया.

यूपीए से बेहतर शर्तों पर एनडीए सरकार ने समझौता किया
जेटली कहा कि एचएएल 2.7 गुणा अधिक समय मांग रही थी. फौज जल्द विमान मांग रही थी. इस संबंध में 2016 में यूपीए से बेहतर शर्तों पर वर्तमान सरकार के स्तर पर समझौता किया गया. वित्त मंत्री ने कहा कि राफेल विमान के संबंध में सुप्रीम कोर्ट संतुष्ट हो गया, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष की चुनावी जरूरत संतुष्ट नहीं हुई .