नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने रविवार को सवाल किया कि एलएसी और लद्दाख की गलवान घाटी में हुई घटना के संदर्भ में स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने चीन का नाम क्यों नहीं लिया. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है. सभी 130 करोड़ भारतीय सशस्त्र बलों के साहस पर विश्वास करते हैं, जिनमें कांग्रेस भी शामिल है. लेकिन प्रधानमंत्री अपने भाषण में चीन का नाम लेने से क्यों डरते हैं.” Also Read - केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- डिजिटल मीडिया ज़हर है, इस पर नियंत्रण हो

कांग्रेस ने कहा कि सीमा पर तनाव शुरू होने के बाद से मोदी ने आज तक प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चीन का नाम नहीं लिया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को ट्वीट किया, “सभी को भारतीय सेना की क्षमता और शौर्य पर विश्वास है. सिवाय प्रधानमंत्री के – जिनकी कायरता ने ही चीन को हमारी जमीन लेने दी. जिनका झूठ सुनिश्चित करेगा कि वो चीन के पास ही रहेगी.” पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा, “चीन ने हमारे क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है और भारत के प्रधानमंत्री में चीन का नाम लेने की हिम्मत नहीं है.” Also Read - दिल्ली: प्रियंका गांधी से मिले डॉ. कफील खान, पत्नी व बच्चे भी रहे साथ

तिवारी ने सवालिया लहजे में कहा, “वह किस तरह के नेता हैं?” अपने स्वतंत्रता दिवस के बयान में, कांग्रेस अंतरिम प्रमुख सोनिया गांधी ने भी 15 जून को गलवान घाटी में हुई झड़प के लिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा था और झड़प में देश के लिए अपना जीवन कुर्बान करने वाले 20 बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी. मोदी ने शनिवार को 74 वें स्वतंत्रता दिवस पर कहा था कि भारत की संप्रभुता का सम्मान देशवासियों के लिए सर्वोच्च है और जब भी किसी ने देश की क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती दी है भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया है. Also Read - 'पीएम मोदी कृषि बिल को ऐतिहासिक बता रहे हैं, वाकई ये है तो किसान ख़ुश क्यों नहीं'