नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के कठुआ में 8 साल की बच्ची से हुए गैंगरेप और हत्या के बाद देश ही नहीं विदेश में भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था. लोगों में इस घटना को लेकर बहुत ज्यादा आक्रोश देखा गया था, घटना के बाद जिस तरह से पुलिस को कोर्ट में चार्जशीट दायर करने से वकीलों द्वारा रोका गया उससे लोग काफी नाराज हुए थे. देशभर में लोगों ने इस घटना के खिलाफ अपने गुस्से का इजहार किया था. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड ने भी इस वीभत्स घटना पर नाराजगी जाहिर की थी और नरेंद्र मोदी सरकार से महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ज्यादा ध्यान देने की अपील की थी. अब देश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने लगार्ड के इस बयान पर मोदी सरकार पर हमला बोला है.Also Read - Parliament Winter Session: विपक्षी नेताओं ने की मुलाकात, वेंकैया नायडू की दो टूक-सांसदों को माफी मांगनी ही होगी

कांग्रेस ने कठुआ की घटना पर आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टीन लगार्ड के हालिया बयान का हवाला लेते देते हुए शनिवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 2014 में देश की जनता ने इसलिए वोट नहीं दिया था कि उनकी सुरक्षा से समझौता हो. Also Read - कब बहाल होगा जम्मू कश्मीर का राज्य का दर्जा? भाजपा बोली- पहले चुन कर की जा रही हत्याएं बंद हों

कांग्रेस के महासचिव अशोक गहलोत ने शनिवार को क्रिस्टीन लगार्ड के बयान को पोस्ट करते हुए एक ट्वीट किया जिसमे उन्होंने लिखा,‘‘जिस भारत की परिकल्पना को लेकर लोगों ने वोट किया था वो यह भारत नहीं है. लोगों ने इसलिए वोट नहीं किया था कि उनकी सुरक्षा से समझौता हो.’’ उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है और इसका सबसे पहले निदान होना चाहिए.’’ Also Read - Punjab Polls: पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने पंजाब में नई सरकार बनाने का बताया फॉर्मूला, BJP से गठबंधन पर कही यह बात

आईएमएफ प्रमुख लगार्ड ने कठुआ में आठ साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या की घटना को वीभत्स करार दिया था और कहा था, ‘‘ भारत में जो कुछ हुआ है वह वीभत्स है. मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शुरू कर सभी भारतीय पदाधिकारी इस पर ज्यादा ध्यान देंगे क्योंकि भारत में महिलाओं के लिए यह जरूरी है.’

लगार्ड ने कहा था, ‘मैं जब पिछली बार दावोस में थी तो प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद मैंने उनसे कहा था कि उन्होंने भारत की महिलाओं का पर्याप्त रूप से जिक्र नहीं किया और सवाल सिर्फ उनके बारे में बातें करने का नहीं है.’ हालांकि लगार्ड ने ये भी कहा था कि यह आईएमएफ की नहीं बल्कि उनकी निजी राय है. लगार्ड ने कहा, ‘वैसे यह आईएमएफ की आधिकारिक राय नहीं है. यह मेरी राय है.’