नई दिल्ली: कांग्रेस ने महाराष्ट्र के कथित सिंचाई घोटाले से जुड़े नौ मामले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा बंद किए जाने को लेकर सोमवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा और दावा किया कि इससे अब महाराष्ट्र में ‘प्रजांतत्र के चीरहरण के अध्याय’ की असलियत उजागर हो गई है. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार के भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद ये मामले बंद किए गए हैं.

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘महाराष्ट्र सरकार ने अजित पवार से जुड़े मामलों की फाइलें बंद कर दी हैं. सरकार बनवाने की एवज में यह सब किया गया है. सिंचाई घोटाले के जिन मामलों की जांच बंद की गई, उनसे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाए.’’ पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘‘भाजपा-अजित पवार द्वारा महाराष्ट्र के ‘प्रजातंत्र चीरहरण अध्याय’ की असलियत उजागर. एक नाजायज़ सरकार द्वारा एसीबी को मुक़दमे बंद करने का आदेश दिया गया.’’

सुरजेवाला ने कहा, ‘‘बेशर्मी और ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से भ्रष्टाचार के मुक़दमे वापस लेने से साफ़ है कि भाजपा अब सही मायनों में ‘भ्रष्टाचार जगाओ पार्टी’ बन गई है. किसानों की सुध लेने की बजाय भाजपा सरकार भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने में लगी है.’’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘खाएंगे और खिलाएंगे भी, क्योंकि ये ईमानदारी के लिए ‘ज़ीरो टॉलरन्स’ वाली सरकार है. मोदी है तो मुमकिन है.’’

पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘महाराष्ट्र एसीबी की ओर से सिंचाई घोटाले के मामले में नौ मामलों को बंद किया गया है. सब जानते हैं ये मामले किससे जुड़े हैं. अब लगता है कि यह व्यक्ति अकेले हैं और उन्होंने देवेंद्र फडणवीस सरकार को समर्थन किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा कभी नहीं सुना था. यह निंदनीय है. हम आशा करते हैं कि सभी इसका संज्ञान लेंगे.’’

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को बताया कि उसने राज्य की नौ सिंचाई परियोजनाओं में कथित अनियमितताओं की जांच बंद कर दी है. एजेंसी ने इसके साथ ही स्पष्ट किया कि ये मामले उप मुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े हुए नहीं हैं.

(इनपुट भाषा)