नई दिल्ली: कांग्रेस ने रसोई गैस की कीमत में बढ़ोतरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर निशाना साधते हुए बुधवार को दावा किया कि उन्होंने जनता की जेब पर करंट लगा दिया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला (Randeep Surjewala) ने ट्वीट कर कहा, ‘‘मोदी जी ने रसोई गैस की क़ीमत 144 रुपये बढ़ाई है. ये बढ़ोत्तरी जनवरी 2014 के बाद से रसोई गैस के भाव में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है. 2019 से 2020 यानी एक साल में रसोई गैस की क़ीमत 200 रुपये बढ़ गई. दिल्ली में एक सिलेंडर की कीमत 858.50 रुपये, मुंबई में 829.50 रुपये, चेन्नई में 881 रुपये और कोलकाता में 896 रुपये है.’’ Also Read - विधानसभा चुनाव में करारी हार की समीक्षा के लिए समिति बनाएगी कांग्रेस

रणदीप सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए दावा किया, ‘‘करंट की बात करते करते जनता की जेब पर ही करंट मार दिया.’’ दरअसल, रसोई गैस की कीमतों में बुधवार को 144.5 रुपये प्रति सिलिंडर की भारी-भरकम वृद्धि की गयी. सरकारी पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी. Also Read - Who is Himanta Biswa Sarma: पूर्वोत्तर के चाणक्य कहे जाते हैं हेमंत बिस्व सरमा, कभी कांग्रेस सरकार में थे मंत्री, आज बनेंगे असम के CM

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हालांकि सरकार ने रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी बढ़ाकर लगभग दोगुनी कर दी है. इससे सब्सिडी वाले सिलिंडर के उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ नहीं पड़ेगा. कंपनियों ने कहा कि एलपीजी सिलिंडर की कीमत पहले के 714 रुपये से बढ़ाकर 858.50 रुपये कर दी गयी है. यह जनवरी 2014 के बाद से रसोई गैस के भाव में हुई सबसे बड़ी वृद्धि है. तब एलपीजी का भाव 220 रुपये प्रति सिलिंडर बढ़ाकर 1,241 रुपये कर दिया गया था.

सामान्यत: हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी के भाव में संशोधन किया जाता है. हालांकि इस बार इसमें दो सप्ताह का अधिक समय लग गया. अधिकारियों ने इस बारे में कहा कि चूंकि बड़ी वृद्धि की जानी थी, इस कारण आवश्यक मंजूरियां लेने में समय लग गया. हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिये आठ फरवरी को हुए मतदान को देखते हुए रसोई गैस के दाम बढ़ाने की घोषणा टाल दी गयी थी. बीजेपी दिल्ली विधानसभा चुनाव बुरी तरह से हार गई है. बीजेपी को 70 से में सिर्फ 8 सीटें ही हासिल हुई हैं. जबकि आम आदमी पार्टी को 62 सीटें मिली हैं.