बेंगलुरु: कर्नाटक में शनिवार को 12 विधायकों के इस्तीफे की पृष्ठभूमि में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने राज्य की कांग्रेस-जद(एस) सरकार को गिराने के लिए भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया है. वहीं, बीजेपी ने इस आरोप को बेबुनियाद बताया है. बता दें कि कर्नाटक की सत्तारूढ़ जद (एस)-कांग्रेस सरकार शनिवार को गठबंधन के 13 विधायकों के अचानक इस्तीफा देने के बाद संकट में आ गई. इन विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा सौंपा है. कांग्रेस ने जहां बीजेपी पर विधायकों को लालच देने अपने पाले में लाने का आरोप लगाया है, वहीं, बीजेपी ने कहा कि ये कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और हमारा इससे कोई लेनादेना नहीं है. यह कांग्रेस नेताओं के कारण ही हुआ है. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस में पूरी तरह से अराजकता है और उसकी कर्नाटक इकाई एक स्वतंत्र इकाई की तरह काम कर रही है क्योंकि केंद्रीय नेतृत्व का प्रदेश (कर्नाटक) इकाई में कोई दखल नहीं है.

कांग्रेस का आरोप, बीजेपी का खंडन
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता सिद्धरमैया ने पार्टी के 9 और विधायकों के इस्तीफा देने की अटकलों के बीच पत्रकारों से कहा, यह भाजपा कर रही है. यह उनका धनबल है जो मौजूदा गतिरोध के लिए जिम्मेदार है. भाजपा अपने पाले में विधायकों को शामिल करने के लिए उन्हें लालच दे रही है. वे विधायकों को पैसों की पेशकश कर रहे हैं और मंत्री पद नहीं मिलने की नाराज़गी का दोहन कर रहे हैं. कांग्रेस के इन आरोपों का खंडन बीजेपी ने पुरजोर ढंग से किया है. बीजेपी नेता मुरलीधर राव ने कहा कि नॉनसेंस है. ये बिना आधार के आरोप है. दूसरी पार्टी पर आरोप लगाना, उसका जिससे कांग्रेस के अंदरूनी मामलों से कोई लेनादेना नहीं है. उन्‍हें इससे कुछ भी हासिल नहीं होगा.

सिद्धरमैया और कुमारस्वामी के बीच सत्ता संघर्ष: बीजेपी
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को दावा किया कि कांग्रेस नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और मौजूदा मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बीच सत्ता संघर्ष के चलते राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हुआ है. जोशी ने सत्तारूढ़ गठबंधन (कांग्रेस-जेडीए) के विधायकों के इस्तीफे के पीछे भाजपा का हाथ होने के कांग्रेस के आरोप को बेबुनियाद करार देते हुए कहा, यह सब इसलिए हो रहा है कि कांग्रेस नेताविहीन हो गई है और दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय उसे पहले अपना घर दुरूस्त करना चाहिए.

रामलिंगा रेड्डी के इस्‍तीफे से हैरान सिद्धरमैया
सिद्धरमैया ने हैरानी जताई कि बीटीएम लेआउट से सात बार के विधायक और पूर्व राज्य मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने इस्तीफा देने का फैसला किया. कांग्रेस विधायक दल के नेता ने कहा, मैंने रामलिंगा रेड्डी से कहा था कि हम उन्हें पहली बारी में मंत्री नहीं बना सके, लेकिन मंत्रिमंडल के दूसरे फेरबदल में उन्हें कैबिनेट में जगह मिलेगी. यह आला कमान का फैसला था. वह राज़ी थे, लेकिन बाद में क्या हुआ इसकी जानकारी मुझे नहीं है.

मंत्र‍िमंडल विस्‍तार से शुरू हुई गड़बड़
बता दें कि यह सारी गड़बड़, निर्दलीय विधायक एच नागेश तथा केपीजे के एक मात्र विधायक आर शंकर को 14 जून को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल करने से हुई है. इसी के बाद बगावत हुई है. सिद्धरमैया ने सत्तारूढ़ गठबंधन– कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) के फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कोटे के एक मंत्री पद के कई दावेदार थे और पार्टी ने इसे निर्दलीय विधायक को देने का फैसला किया.

गठबंधन के वक्‍त हुआ था ये फैसला
गठबंधन बनाने के वक्त हुए समझौते के तहत, कांग्रेस को 22 और जद (एस) को 12 मंत्री पद मिलने थे. गठबंधन के दोनों साझेदारों ने सरकार बचाने के लिए अपने-अपने कोटे के मंत्री पदों को इन दो विधायकों को दे दिया.

सिद्धरमैया और कुमारस्वामी के बीच कोई मुलाकात नहीं
एक सवाल पर सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री एचडी कुमास्वामी से बातचीत की है. वह अमेरिका से वापस बेंगलुरू पहुंच रहे हैं. बहरहाल, सिद्धरमैया ने कहा कि रविवार को उनके और कुमारस्वामी के बीच कोई मुलाकात नहीं होगी.

भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही: खड़गे
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कर्नाटक में राजनीतिक गतिरोध के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंनेकहा, (भाजपा नीत) केंद्र गतिरोध में सीधे शामिल है. भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है. कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी. इस तरह की अटकलें हैं कि फूट को दबाने के लिए खड़गे को राज्य का मुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है. इस पर उन्होंने कहा कि अफवाहों को फैलाया जा रहा है और उन्होंने जोर दिया कि वह चाहते हैं कि गठबंधन सरकार बनी रहे.

सबको पता है कि खेल कौन खेल रहा है
जल संसाधन मंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि भाजपा ऐसे पेश आ रही है जैसे वह कुछ नहीं जानती है. उन्होंने कहा, वे ऐसे बर्ताव कर रहे हैं मानो कि वे घटनाक्रम से अनभिज्ञ और मासूम हैं. भाजपा कह रही है कि वह कुछ नहीं जानती है. यह सबको पता है कि यहां खेल कौन खेल रहा है. हम जानते हैं कि किसके साथ कितने दौर की बैठक हुई है. कोई भी ये चीज़े नहीं छुपा सकता है. उन्होंने हैरानी जताई कि जो भाजपा कह रही थी वह इस दक्षिणी राज्य में सरकार नहीं बना सकती है अब कैसे सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए आगे आई है.

कुमारस्वामी को धोखा देने का सवाल ही नहीं
डी के शिवकुमार से सवाल किया गया कि अगर असंतुष्ट मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धरमैया या खड़गे की हिमायत करें तो क्या वह सरकार को समर्थन देंगे. इस पर शिवकुमार ने कहा कि वह कुमारस्वामी को भी धोखा नहीं देंगे. उन्होंने कहा, कुमारस्वामी को धोखा देने का सवाल ही नहीं है. मैं नहीं जानता हूं कि कांग्रेस और जद(एस) क्या करेंगे. हम पहले ही कह चुके हैं कि कुमारस्वामी पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे.कांग्रेस नेता ने कहा, मैं एचडी देवगौड़ा से मिला. कारण जाहिर है. हमारे सभी वरिष्ठ नेता आज मिल रहे हैं. हम कुछ निर्णय करेंगे.

लोकतंत्र की हत्या करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग
महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह कर्नाटक में लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई कांग्रेस- जद
(एस) की सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है और लोकतंत्र की हत्या करने के लिए भगवा दल शासित राज्यों में सरकारी
मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है.