नई दिल्ली: राहुल गांधी के इस्तीफे पर अडिग रहने की पृष्ठभूमि में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोमवार को गांधी से मुलाकात की और उनसे पार्टी अध्यक्ष पद पर बने रहने का आग्रह किया. लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद से गांधी इस्तीफा देने पर अड़े हुए है. बैठक के बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने राहुल जी से आग्रह किया कि वह अध्यक्ष पद पर बने रहें. उन्होंने हमें धैर्यपूर्वक सुना. हम आशा करते हैं कि वह हमारे आग्रह को स्वीकार करेंगे.’’ बैठक में गहलोत, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी शामिल हुए.

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्रियों ने राहुल से पद पर बने रहने का आग्रह किया तो गांधी ने अपना पुराना रुख दोहराया कि वह पदमुक्त होने का फैसला कर चुके हैं. खबरों के मुताबिक राजस्थान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने गांधी के समक्ष पद छोड़ने की पेशकश की, हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है. यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश की है तो गहलोत ने कहा, ‘‘चुनावों में हार और जीत होती है. परंतु आलाकमान फैसला करता है. सभी मुख्यमंत्रियों ने 25 मई को हुई कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में इस्तीफे की पेशकश की थी. पूरे सीडब्ल्यूसी ने इस्तीफे की पेशकश की थी और राहुल गांधी को पार्टी में बदलाव के लिए अधिकृत किया था.’’ इस मुलाकात से पहले गहलोत ने कहा था, ‘‘पहले भी हमने कहा है कि हम सभी कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हैं और 2019 की हार की जिम्मेदार लेते हैं.’’

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उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा यह मानना है कि मौजूदा हालात में सिर्फ राहुल जी ही पार्टी का नेतृत्व कर सकते है. देश और देशवासियों के कल्याण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता सवालों से परे और बेमिसाल है.’’ राजस्थान के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘2019 के चुनाव का नतीजा कांग्रेस के कार्यक्रम, नीति और विचारधारा की हार नहीं थी. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कई मोर्चो पर मोदी सरकार की विफलता के बावजूद भाजपा सरकारी मशीनरी की मदद से उग्रवाद राष्ट्रवाद के पीछे अपनी विफलता को छिपा ले गई.’’ गहलोत ने कहा, ‘‘कांग्रेस अध्यक्ष ने इस चुनाव को मुद्दा आधारित बनाए रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया.’’

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद 25 मई को हुई पार्टी कार्य समिति की बैठक में राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी. हालांकि कार्य समिति के सदस्यों ने उनकी पेशकश को खारिज करते हुए उन्हें आमूलचूल बदलाव के लिए अधिकृत किया था. इसके बाद से गांधी लगातार इस्तीफे की पेशकश पर अड़े हुए हैं. हालांकि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे आग्रह किया है कि वह कांग्रेस का नेतृत्व करते रहें.