नई दिल्ली: कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर को यौन उत्पीड़न के आरोपों पर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना चाहिए या तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. पार्टी ने इस मुद्दे पर विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज से भी अपना रुख स्‍पष्‍ट करने को कहा है. Also Read - मुकेश खन्ना ने महिलाओं पर दिया विवादित बयान, लोगों का 'शक्तिमान' पर फूटा गुस्सा- SEE VIDEO 

Also Read - अनुराग कश्यप पर रेप का आरोप लगाने वाली पायल घोष को है खुद के मर्डर का डर, बोलीं- किसी दिन छत से लटकी....

पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता एस जयपाल रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मेरा मानना है कि एम जे अकबर को संतोषजनक स्पष्टीकरण देना चाहिए या फिर इस्तीफा देना चाहिए. जब उनके साथ काम कर चुकी वरिष्ठ पत्रकारों ने आरोप लगाया है तो फिर वह पद पर कैसे बने रह सकते हैं.’’ Also Read - अनुराग कश्यप के वकील ने कहा- पायल घोष के यौन शोषण के झूठे आरोप से बहुत दुखी हैं फिल्ममेकर

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें जांच होने दीजिए. एम जे अकबर के आचरण की जांच होनी चाहिए.’’ रेड्डी ने इस मामले पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ‘चुप्पी’ पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ‘‘वह अपनी जिम्मेदारी से बच रही हैं और इस पर टिप्पणी करने के लिए तैयार नहीं हैं.’’

पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘यह बहुत दुख की बात है कि एक महिला होते हुए भी सुषमा स्वराज जी कुछ नहीं बोल रही हैं. उनको इस पर बोलना चाहिए क्योंकि देश की बहुत सारी बच्चियां उनको प्रेरणास्रोत के तौर पर देखती हैं और वे चाहती हैं कि वह इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करें.’’

#MeToo मंत्री एम.जे.अकबर पर कम से कम 6 महिला पत्रकारों ने लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप

भाजपा सांसद उदित राज के एक विवादित बयान पर प्रियंका ने कहा, ‘‘उदित राज का बयान शर्मनाक और निंदनीय है. भाजपा सांसद को देश की महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए.’’ उन्होंने यह भी कहा कि उदित राज का बयान भाजपा की ‘महिला विरोधी’ सोच को दर्शाता है.

#MeToo: केंद्रीय मंत्री से लेकर अभिनेता आलोक नाथ तक आरोपों के घेरे में, ‘अगला नंबर किसका’ को लेकर चर्चा

दरअसल, भाजपा सांसद उदित राज ने बुधवार को भारत में ‘मी टू’ अभियान को ‘‘गलत प्रथा’’ करार दिया और सवाल उठाया कि 10 साल बाद किसी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाना कितना प्रासंगिक है.