नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी जिला कमेटियों को भंग कर दिया है और चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता की जांच की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय समिति को सौंपेगी. पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की अनुशंसाओं को स्वीकार कर लिया है, जिनमें कई कदमों का प्रस्ताव किया गया है. पार्टी ने 19 जून को कर्नाटक कांग्रेस समिति को भंग कर दिया था.

बता दें कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन किया है. वह सिर्फ रायबरेली सीट ही जीत पाई. इसका प्रतिनिधित्व संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी करती हैं. राज्य में लोकसभा की 80 सीटें हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी की सीट पर केंद्रीय मंत्री व बीजेपी नेता स्मृति ईरानी से 55,000 वोटों से हार गए थे.

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सोमवार को राज्य में अपनी सभी जिला समितियों को भंग कर दिया, जिसके सबंध में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से एक बयान जारी किया गया. इसके मुताबिक दोनों प्रभारियों की अनुशंसा के मुताबिक सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को भंग कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा उप चुनाव की तैयारियों और चुनावी प्रबंधन के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की जाएगी. पार्टी तीन सदस्यीय अनुशासनात्मक समिति गठित करेगी, जो लोकसभा चुनाव के दौरान घोर अनुशासनहीनता की जांच करेगी.

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता अजय कुमार लल्लू को पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठन में बदलाव करने के लिए प्रभारी बनाया गया है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन में बदलाव के लिए प्रभारी की नियुक्ति सिंधिया द्वारा की जाएगी.

वेणुगोपाल द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर चुनाव वाली हर विधानसभा सीट के लिए दो सदस्यीय समिति की नियुक्ति की है. कांग्रेस के विधानसभा में नेता अजय कुमार लल्लू को संगठन में बदलाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है.

इस आदेश में यह भी कहा गया है कि 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी में अनुशासनहीनता की शिकायत की जांच के लिए तीन सदस्यीय अनुशासन समिति बनाई जाएगी.