Women Reservation Bill को मिली कैबिनेट की मंजूरी, कांग्रेस का आया रिएक्शन; जानें क्या बोले Jairam Ramesh

Women Reservation Bill: कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल का स्वागत किया. जयराम रमेश ने कहा कि विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में इस पर चर्चा की जा सकती थी और पर्दे के पीछे की राजनीति के बजाय आम सहमति बनाई जा सकती थी.

Published date india.com Published: September 18, 2023 11:04 PM IST
Congress leader Jairam Ramesh slammed the organizers of the final match and called it simply unacceptable and extremely petty.
Congress leader Jairam Ramesh slammed the organizers of the final match and called it simply unacceptable and extremely petty.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक (Cabinet Meeting) में लंबे से लंबित महिला आरक्षण विधेयक (Women Reservation Bill) को मंजूरी दे दी गई. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. कांग्रेस ने भी महिला आरक्षण बिल पर सरकार के फैसले का स्वागत किया. हालांकि उसने कहा कि सर्वदलीय बैठक में इस पर चर्चा कर आम सहमति बनाई जा सकती थी. पार्टी महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि उनका दल लंबे समय से इस विधेयक को पारित करने की मांग कर रहा है.

‘बनाई जा सकती थी आम सहमति’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस पार्टी लंबे समय से महिला आरक्षण को लागू करने की मांग कर रही है. हम केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से जुड़ी खबर का स्वागत करते हैं और विधेयक के विवरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं.’ रमेश ने कहा कि विशेष सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में इस पर अच्छी तरह से चर्चा की जा सकती थी और पर्दे के पीछे की राजनीति के बजाय आम सहमति बनाई जा सकती थी. उन्होंने अपने एक पुराने पोस्ट का हवाला दिया, जिसमें महिला आरक्षण विधेयक की पृष्ठभूमि का हवाला दिया गया था.

‘राजीव गांधी ने सबसे पहले किया था पेश’

उन्होंने कहा था, ‘सबसे पहले राजीव गांधी ने 1989 के मई महीने में पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया था. वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था, लेकिन सितंबर 1989 में राज्यसभा में पारित नहीं हो सका था.’ रमेश के अनुसार, ‘अप्रैल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्ह राव ने पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक को फिर से पेश किया था. दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए. आज पंचायतों और नगर निकायों में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं. यह आंकड़ा 40 प्रतिशत के आसपास है.’

मनमोहन सिंह ने भी की थी पहल

कांग्रेस नेता ने कहा था, ‘महिलाओं के लिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में एक-तिहाई आरक्षण के वास्ते तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने संविधान संशोधन विधेयक लाया था. विधेयक 9 मार्च 2010 को राज्यसभा में पारित हुआ था, लेकिन लोकसभा में नहीं ले जाया जा सका.’ उन्होंने कहा था, ‘राज्यसभा में पेश/पारित किए गए विधेयक समाप्त नहीं होते हैं. इसलिए महिला आरक्षण विधेयक अभी भी मौजूद है. कांग्रेस पार्टी पिछले 9 साल से मांग कर रही है कि महिला आरक्षण विधेयक, जो पहले ही राज्यसभा से पारित हो चुका है, उसे लोकसभा से भी पारित कराया जाना चाहिए.’

(इनपुट: एजेंसी)

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