नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन और यूपीए चेयपर्सन सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी को पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के बाद से उनके पहले भाषण का लोगों का इंतजार था. आम जनता से लेकर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स तक ये देखना चाहते थे कि वह अपने भाषण में किन मुद्दों को उठाती हैं. इस बीच मंगलवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी की मिटिंग के बाद प्रियंका ने अहमदाबाद में पहला भाषण दिया. इतना ही नहीं इसके बाद देर रात उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पहली बार ट्वीट भी किया.

प्रियंका गांधी कांग्रेस में पदाधिकारी बनने के बाद ही ट्विट पर आ गई थीं. इसके बाद देखते-देखते उनके फॉलोवर्स की संख्या बढ़ती ही गई. हालांकि, इसके लगभग एक महीने बाद तक उन्होंने कोई ट्वीट नहीं किया था. ऐसे में सभी को उनके पहले ट्वीट का इंतजार था. मंगलवार को रात में उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर पहला ट्वीट किया. उन्होंने महात्मा गांधी के कोट का जिक्र करते हुए कहा, ‘साबरमती की सादगी में सच्चाई जिंदा है’

इसके बाद प्रियंका ने साबरमती आश्रम के अंदर की ही एक फोटो शेयर करते हुए गांधी के कोट को लिखते हुए दूसरा ट्वीट किया. इसमें उन्होंने लिखा, ‘अगर हिंसा के मकसद में कुछ अच्छा दिखता है तो वह अस्थायी है. हिंसा में हमेशा बुराई ही होती है.

इन मुद्दों पर दिया भाषण
बता दें कि इससे पहले प्रियंका ने अपने पहले भाषण में युवा, रोजगार, किसान और महिलाओं का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सचेत किया कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की लगातार कोशिश की जाएगी. लेकिन वे रोजगार, किसानों और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर सवाल पूछते रहें.

प्रियंका ने आंसू का जिक्र किया था
प्रियंका ने यहां कांग्रेस की जनसभा में कहा, पहली बार गुजरात आई हूं और पहली बार उस साबरमती आश्रम गई जहां से महात्मा गांधी ने आजादी के लिए संघर्ष की शुरुआत की थी. वहां बैठकर लगा कि आंखों में आंसू आ जाएंगे। उन लोगों की याद आई जिन्होंने देश के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया. उन्होंने कहा, यह देश प्रेम, सद्भाव और आपसी प्यार के आधार पर बना है. आज जो कुछ देश में हो रहा है उससे दुख होता है.