जयपुर. सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट जीत ली है. इसके साथ ही 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पास 100 सीटों के साथ पर्याप्त बहुमत हो गई है. रामगढ़ सीट के लिए उपचुनाव सोमवार को हुआ. गुरुवार को हुई वोटों की गिनती में कांग्रेस प्रत्याशी शफिया जुबैर को कुल 83,311 मत मिले हैं. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वदी भाजपा के सुखवंत सिंह को 12,228 मतों से पराजित किया है.

दूसरे स्थान पर रहे भाजपा के सुखवंत सिंह को 71,083 मत मिले. वहीं बसपा उम्मीदवार जगत सिंह 24,856 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. निर्वाचन विभाग के अनुसार जुबैर को 44.77 प्रतिशत मत मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी को 38.20 प्रतिशत मत मिले. चुनाव में उतरे 20 उम्मीदवारों में से पूर्व केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र और बसपा उम्मीदवार जगत सिंह सहित 18 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई. चुनाव में नोटा का प्रयोग करने वाले 241 मतदाताओं में एक मतपत्र का मतदाता भी शामिल है.

सचिन पायलट ने ये कहा
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि यह कांग्रेस में लोगों के विश्वास की जीत है. पायलट ने कहा कि राजस्थान की जनता ने एक बार फिर से कांग्रेस पर विश्वास जताया है. सरकार की गठन के बाद यह पहला चुनाव था. परिणाम से स्पष्ट है कि भाजपा ने अपना जनाधार खो दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनावों में समुदायों, धर्मों और मतों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश की लेकिन वह विफल रही. उन्होंने कहा कि पार्टी को जीत दिलाकर विश्वास जताने के लिए वह रामगढ़ की जनता को धन्यवाद देते हैं.

शाफिया ने ये कहा
नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायक शफिया जुबैर ने कहा कि उन्होंने विकास और सांप्रदायिक सौहार्द के एजेंडे पर वोट मांगा था और इसी कारण उन्हें जीत मिली. अलवर की पूर्व जिला प्रमुख 51 वर्षीय शफिया ने कहा कि यह चुनाव विकास पर आधारित था. लोग विकास चाहते हैं और वह जानते हैं कि कांग्रेस को वोट देकर ही क्षेत्र का विकास सुनिश्चित किया जा सकता है.

कांग्रेस के पास अब हो गईं 100 सीटें
बता दें कि सात दिसंबर को राज्य की 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान हुआ था. रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव टाल दिया गया था. रामगढ़ सीट जीतने के बाद राज्य की 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के पस अब 100 सीटें हैं. जबकि भाजपा के 73, बसपा के छह, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन, माकपा के दो, बीटीपी के दो और 13 निर्दलीय विधायक हैं.