पणजी: गोवा के मंत्री विजय सरदेसाई ने सीएम पर्रिकर को लेकर दिए गए अपने ईसा मसीह वाले बयान पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया. सरदेसाई ने कांग्रेस पर ‘धार्मिक भावनाएं आहत करने’ के लिए उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया है. दरअसल सरदेसाई ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को ‘ईसा मसीह’ के समान बताया था और जिसे लेकर विपक्षी पार्टी ने उनकी आलोचना की थी.बता दें कि बुधवार को सरदेसाई ने सीएम पर्रिकर की प्रशंसा करते हुए कहा था कि वह प्रभु ईशु की तरह हैं उन्होंने सेतु बनाए न कि दीवारें.

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बयान की आलोचना
मंत्री ने कहा ‘बाइबिल में कहा गया है कि व्यक्ति को पुल बनाने चाहिए न कि दीवारें. प्रभु ईशु ने सेतु का निर्माण किया, दीवारों का नहीं मनोहर पर्रिकर ने भी पुलों का निर्माण किया. उन्होंने कहा पहले हम लोग भी दूसरे पक्ष में (भाजपा विरोधी खेमे में) थे. लेकिन हम लोग इस बार इस तरफ (भाजपा की तरफ) इसलिए हैं क्योंकि उन्होंने (पर्रिकर ने) सेतु बनाया है.’ नगर एवं ग्राम योजना मंत्री तथा गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) के प्रमुख के इस बयान के अगले दिन कांग्रेस ने पर्रिकर की प्रशंसा में बाइबिल का हवाला देने के लिए सरदेसाई की आलोचना की थी.

ईसाई समुदाय का अपमान!
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता रोहित ब्रास डे सा ने शुक्रवार को आरोप लगाते हुए कहा ‘मनोहर पर्रिकर को ईसा मसीह के समान’ बताकर सरदेसाई ने ईसाई समुदाय का अपमान किया है. कांग्रेस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सरदेसाई ने शनिवार को कहा ‘मैं कंक्रीट के पुलों के निर्माण की बात नहीं कह रहा बल्कि मेरा आशय मानवीय रिश्तों में सेतु के निर्माण से है.’ उन्होंने कहा ‘अगर कांग्रेस मेरे बयान को गलत समझ रही है और उन्हें कंक्रीट का पुल समझ रही है तो जान-बूझकर भ्रम फैलाने की उनकी इस प्रवृत्ति के लिये मुझे खेद जताने की जरूरत नहीं है. दरअसल यह कांग्रेस ही है जिसने मेरे बयान को अलग नजरिया देकर धार्मिक भावनाओं को आहत किया और आरोप मुझ पर मढ़ दिया.’

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पर्रिकर को ईसा मसीह नहीं बताया
सरदेसाई ने कहा ‘मैंने बस पर्रिकर और ईसा मसीह के बीच समानता दर्शायी थी. मैंने कभी उन्हें (पर्रिकर को) ईसा मसीह के बराबर नहीं बताया. इसका मतलब सिर्फ यह है कि जब भी बात मानवीय सेतु की आती है, खासकर मेरे जैसे दूसरे पक्ष के लोगों की तब पर्रिकर ने ईसा मसीह का तरीका अपनाया. ऐसा कहने का मतलब यह नहीं है कि मैं उन्हें ईसा मसीह बता रहा हूं.’ सरदेसाई ने कहा ‘मैं अपनी मंशा साफ करना चाहता हूं और अगर कांग्रेस की जानबूझकर की गई इस बयानबाजी से कोई आहत हुआ है तो उन लोगों से माफी मांगना चाहता हूं जिनकी भावनाएं इससे आहत हुई हैं. लेकिन मैं लोगों से अपील करना चाहता हूं कि वे कांग्रेस बहकावे में नहीं आएं.’ (इनपुट एजेंसी)