गोरखपुर: कांग्रेस जोर देकर कहती है कि वह उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी खोई हुई जमीन को फिर से हासिल कर लेगी, लेकिन पार्टी को पहले कुछ आधारभूत चीजों पर काम करना होगा. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कांग्रेस का कोई कार्यालय नहीं है, इसलिए व्हाट्सएप के माध्यम से ही पार्टी की सारी कार्यप्रणाली नियंत्रित की जाती है. पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को इस स्थिति से अवगत कराया है, लेकिन पार्टी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

नवनियुक्त जिला कांग्रेस अध्यक्ष निर्मला पासवान ने हालांकि कहा कि पार्टी को जल्द ही अपना नया कार्यालय मिल जाएगा. पार्टी के वरिष्ठ नेता सैयद जमाल के अनुसार, पूर्व जिला अध्यक्ष दिवंगत भृगुनाथ चतुर्वेदी ने यहां पुरदिलपुर में कांग्रेस कार्यालय की शुरुआत की थी और यह 2017 तक पार्टी कार्यालय बना रहा. उन्होंने कहा, “लेकिन हमें 2017 में कार्यालय खाली करना पड़ा, क्योंकि मालिकाना हक किसी और के पास था. तब से कांग्रेस के पास अपना खुद का कार्यालय नहीं है और आमतौर पर मैरिज हॉल में बैठकें आयोजित की जाती हैं.”

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पार्टी के नेता अनौपचारिक रूप से चारुचंद्रपुरी में एक घर को ही कार्यालय के तौर पर उपयोग कर रहे हैं. एक पार्टी पदाधिकारी ने कहा, “ज्यादातर समय हम व्हाट्सएप के माध्यम से काम करते हैं. जब बैठकें होती हैं तो हम मैरिज हॉल किराए पर लेते हैं.” बता दें कि गोरखपुर सीएम योगी आदित्यनाथ का गढ़ रहा है. सीएम बने योगी के बाद गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन हैं. योगी गोरखपुर से लम्बे समय तक सांसद रहे. हालांकि सीट खाली होने के बाद उप चुनाव में यहां से बीजेपी को सपा प्रत्याशी को जीत मिल गई थी. तब कहा गया था कि सपा ने योगी के गढ़ में सेंध लगा दी थी.