नई दिल्‍ली: कांग्रेस की कार्यकारी अध्‍यक्ष सोनिया गांधी बुधवार को सुबह-सुबह तिहाड़ जेल में बंद अपनी पार्टी के नेता डीके शिवकुमार से मिलने पहुंची हैं. बता दें कि कर्नाटक के कांग्रेस के सीनियर नेता शिवकुमार धनशोधन से जुड़े एक मामले में बीते 3 सितंबर से तिहाड़ जेल में न्‍यायिक हिरासत में हैं.एक सूत्र ने बताया कि सोनिया कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवकुमार की खैरियत जानने के साथ साथ उनके प्रति एकजुटता प्रकट करने जेल पहुंचीं.

बता दें कि कांग्रेस प्रमुख सोनिया ने आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से भी तिहाड़ पहुंचकर मुलाकात की थी.

कर्नाटक कांग्रेस के शिवकुमार एक प्रभावशाली नेता हैं और पार्टी के हर संकट के वक्‍त वह आगे आकर खड़े होते रहे हैं. कर्नाटक की जेडीएस-कांग्रेस की संयुक्‍त सरकार को बचाने की जी जान से कोशिश करने वाले शिवकुमार को राज्‍य में कांग्रेस का संकटमोचक माना जाता है. वह पार्टी के आलाकमान के काफी करीब माने जाते हैं.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 57 साल के शिवकुमार को धनशोधन मामले में तीन सितंबर को गिरफ्तार किया था. बता दें कि न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने उनकी जमानत याचिका पर 17 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिखा था. याचिका में दावा किया गया है कि यह मामला राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का परिणाम था और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं. उन्होंने सुनवाई अदालत के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था.

ईडी ने उनकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि वह प्रभावशाली व्यक्ति हैं और अगर उन्हें रिहा किया गया तो वह सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. बता दें कि शिवकुमार की पत्नी उषा शिवकुमार और उनकी 85 साल की मां गौरम्मा को सम्‍मन जारी कर चुकी है, लेकिन कोर्ट ने बीते 16 अक्‍टूबर को कहा था कि दिल्ली उच्च न्यायालय से बुधवार को कहा कि कर्नाटक कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार की पत्नी और मां को फिलहाल जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने की जरूरत नहीं है.

शिवकुमार के वकील ने कोर्ट में तर्क रखा था कि शिवकुमार की मां की उम्र 85 साल है इसलिए यदि ईडी अधिकारी उनसे पूछताछ करना चाहते हैं तो उन्हें उनके घर जाना होगा और वे उन्हें अपने कार्यालय आने के लिए नहीं कह सकते.

वरिष्ठ अधिवक्ता डी कृष्णन ने कहा था कि सीआरपीसी के प्रावधान के मुताबिक 15 साल से कम उम्र की लड़की, या 65 साल से अधिक उम्र की महिला को पुलिस थाने में नहीं बुलाया जा सकता. (इनपुट-एजेंसी)