नई दिल्ली: लोकसभा के अध्यक्ष पद के लिए एनडीए के प्रत्याशी के रूप में भाजपा ने मंगलवार को चौंकाने वाला नाम घोषित करते हुये राजस्थान से पार्टी सांसद ओम बिड़ला को उम्मीदवार बनाया है. विपक्षी दलों के गठबंधन यूपीए का भी समर्थन मिलने के बाद इस पद पर बिड़ला का सर्वसम्मति से चुना जाना लगभग तय हो गया है. लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए बुधवार को चुनाव होगा. देर शाम यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई विपक्षी दलों की बैठक में भी बिड़ला की उम्मीदवारी के समर्थन का फैसला किया गया, हालांकि, उपाध्यक्ष के विषय में यूपीए फिलहाल सत्तापक्ष के रुख की प्रतीक्षा करेगा.

बिड़ला को एनडीए की ओर से मंगलवार को उम्मीदवार घोषित किया गया. देर शाम कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्षी दलों के गठबंधन यूपीए ने भी बिड़ला को समर्थन देने की घोषणा कर दी. इसके साथ की बिड़ला का सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय हो गया है. उनकी उम्मीदवारी घोषित होने के बाद एनडीए के विभिन्न घटक दलों के 13 लोकसभा सदस्यों ने बिड़ला के नाम की दावेदारी के प्रस्ताव का समर्थन किया.

यूपीए की बैठक में ये नेता हुए शामिल
बैठक के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता सदन अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि यूपीए स्पीकर को लेकर एनडीए के उम्मीदवार का समर्थन करेगा. बैठक में चौधरी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी के मुख्य सचेतक के. सुरेश, द्रमुक के टीआर बालू एवं कनिमोई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सुप्रिया सुले, नेशनल कांफ्रेंस के फारुक अब्दुल्ला और कई अन्य दलों के सदन के नेता शामिल हुए.

13 सदस्यों ने बिड़ला प्रस्तावक के रूप में नोटिस दिया
इससे पहले भाजपा ने मंगलवार को लोकसभा सचिवालय के समक्ष बिड़ला की दावेदारी का नोटिस प्रस्तुत कर दिया. लोकसभा सचिवालय के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि शाम पांच बजे तक 13 सदस्यों ने बिड़ला के नाम के प्रस्तावक के रूप में नोटिस दिया है.

सिर्फ की दावेवारी का ही नोटिस मिला
लोकसभा पटल कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिर्फ बिड़ला की दावेवारी का ही नोटिस मिला है. लोकसभा अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया के मुताबिक इस पद की दावेदारी के लिये पटल कार्यालय को नोटिस सौंपने की समय सीमा मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक निर्धारित थी.

बिड़ला ने दावेदारी का नोटिस सौंपा
बिड़ला ने निर्धारित समय सीमा खत्म होने से पहले ही अपनी दावेदारी का नोटिस पटल कार्यालय को सौंप दिया. राजस्थान के कोटा- बूंदी संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए बिड़ला लगातार दूसरी बार भाजपा के टिकट पर लोकसभा सदस्य चुने गए हैं. वह तीन बार विधायक भी रहे हैं. नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिड़ला (आयु 57 वर्ष) का लोकसभा अध्यक्ष बनना पहले ही तय माना जा रहा था, क्योंकि सत्तासीन राजग के पास निचले सदन में स्पष्ट बहुमत है.

प्रस्‍तावकों में ये नाम
बिड़ला को उम्मीदवार बना, जाने की जानकारी देते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया कि उनके नाम के प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी शामिल थे. इसके अलावा बीजद, वाईएसआर कांग्रेस, नेशनल पीपुल्स पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट और राजग के घटक दलों शिवसेना, अकाली दल, अन्नाद्रमुक, अपना दल, जदयू तथा लोजपा के सदस्यों ने बिड़ला के नाम के प्रस्ताव वाले समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किए.