अहमदाबाद: गुजरात में कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर ने शनिवार को उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं. इस ओबीसी नेता ने इशारे में यह भी संकेत दिया कि वह लोकसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे. दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मिलने के बाद राधनपुर के विधायक ने यहां संवाददाताओं को बताया कि उनके भाजपा में जाने की अटकलें गलत हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘अब मैं बेहद साफ हूं कि मुझे अपने लोगों के लिए लड़ाई लड़नी है. इसलिए मैं कांग्रेस में बना रहूंगा और पार्टी का समर्थन करता रहूंगा. मैं अपने लोगों के लिए सम्मान और समर्थन चाहता हूं. उन्होंने कहा कि वह गरीब, बेरोजगार, युवाओं, किसानों और अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लोगों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे.’’ भाजपा में संभावित प्रवेश से उन्हें मंत्री पद मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह ‘‘न तो बिके हैं और न ही लालची’’ हैं.

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हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि हालांकि वह गुजरात कांग्रेस नेतृत्व से खुश नहीं थे, पर यह मामला अब सुलझ गया है. उनका यह बयान कांग्रेस के दो विधायकों जवाहर चावडा और परसोत्तम साबरिया के पार्टी से त्यागपत्र देने के एक दिन बाद आया है. चावडा के भाजपा में शामिल होने के बाद अब उन्हें मुख्यमंत्री विजय रूपाणी मंत्रिमंडल में जगह दे दी गई है.

राजनीतिक गलियारों में यह आम चर्चा थी कि ठाकोर सत्तारूढ़ पार्टी के पक्ष में पाला बदल सकते हैं. ठाकोर साल 2017 में कांग्रेस में शामिल हुये थे. उन्हें कांग्रेस सचिव बनाया गया था और साथ ही उन्हें बिहार प्रदेश का सह-प्रभारी का पद भी सौंपा गया था. उन्होंने उन खबरों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ठाकोर ने अपनी पत्नी के लिए पार्टी से लोकसभा का टिकट मांगा है. ठाकोर ने कहा, ‘‘मेरी पत्नी राजनीति में कभी प्रवेश नहीं करेगी.’’