IAF के पूर्व अफसर ने कहा, दिग्विजय सिंह बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के तथ्यों से अवगत नहीं, उन्हें गलत जानकारी दी गई

इंडियन एयरफोर्स के पूर्व अधिकारी एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार ने दिग्विजय सिंह की सर्जिकल स्ट्राइक पर टिप्पणी को खारिज किया, बोले- यह सज्जन नहीं जानते कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं, उन्हें गलत जानकारी दी गई है और उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है

Published date india.com Published: January 23, 2023 11:06 PM IST
Congress leader Digvijaya Singh is not aware of the facts and is misinformed On on Balakot surgical strikes, Former IAF officer says
भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार ने कहा, सभी को विश्वास दिलाता हूं कि हमारे बहादुर पायलटों ने ठीक वैसा ही किया जैसा उन्हें बताया गया था और हमने उनके लिए निर्धारित सभी उद्देश्यों को हासिल किया. (फाइल फोटो )

गुरुग्राम : भारतीय वायु सेना के पूर्वकर्मियों (ex-Indian Air Force personnel) ने  कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Congress leader Digvijaya Singh) की पाकिस्तान (Pakistan) के खिलाफ इंडियन एयरफोर्स की बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक (Balakot surgical strikes) पर टिप्पणी को लेकर  भारी रोष व्यक्त किया है.  रिटायर्ड एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार सोमवार को कहा कि कांग्रेस नेता “तथ्यों से अवगत नहीं हैं और गलत बताया है.”

पश्चिमी वायु कमान की कमान संभालने के बाद सेवानिवृत्त हुए एयर मार्शल रघुनाथ नांबियार (Retd Air Marshal Raghunath Nambiar) ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधा और कहा, “सिंह को नहीं पता कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं और गलत जानकारी दे रहे हैं.”

रिटायर्ड एयर मार्शलनांबियार ने साफ किया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बालाकोट हवाई हमले में शामिल पायलटों ने “बिल्कुल वैसा ही किया जैसा उन्हें बताया गया था”. उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक का कोई सबूत नहीं है, जिसका दावा केंद्र ने किया था.

कांग्रेस नेता ने आज जम्मू में अपने संबोधन में कहा, “वे (केंद्र) सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं और उनमें से कई लोगों को मार चुके हैं, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं है.”

हमारे बहादुर पायलटों ने ठीक वैसा ही किया जैसा उन्हें बताया गया था

एएनआई से बात करते हुए भारतीय वायु सेना के पूर्व अधिकारी एयर मार्शल नांबियार ने कहा, “यह सज्जन नहीं जानते कि वह किस बारे में बात कर रहे हैं. उन्हें गलत जानकारी दी गई है और उन्हें तथ्यों की जानकारी नहीं है. मैंने कमांडर के रूप में पदभार संभाला है- बालाकोट हमले के दो दिन बाद पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख और जो हुआ उससे पूरी तरह वाकिफ हूं. मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूं कि हमारे बहादुर पायलटों ने ठीक वैसा ही किया जैसा उन्हें बताया गया था और हमने उनके लिए निर्धारित सभी उद्देश्यों को हासिल किया. ” उन्होंने कहा, “कृपया किसी भी झूठ पर विश्वास न करें और निश्चिंत रहें कि बालाकोट हवाई हमला एक बड़ी सफलता थी.”

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Wg Cdr प्रफुल्ल बख्शी ने कहा-सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सबूत देने के लिए सेना बाध्य नहीं

इससे पहले, IAF के एक अन्य पूर्व अधिकारी Wg Cdr प्रफुल्ल बख्शी ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में  की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सबूत देने के लिए सेना बाध्य नहीं है. यह कहते हुए उन्होंने कहा  कि सरकार जानती है कि हमले का विवरण साझा करना ” सेना की नीति के खिलाफ है”. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सबूत देखना चाहती है, तो पार्टी को “पाकिस्तानियों से पूछना चाहिए.”

पाकिस्तानियों ने उस जगह को समतल कर दिया था, जहां हमला हुआ था

एएनआई से बात करते हुए विंग कमांडर बख्शी ने कहा, “सेना कोई सबूत नहीं देती है. उसे क्या सबूत देना चाहिए और क्यों? अगर आप जानना चाहते हैं, तो पाकिस्तानियों से पूछें. यदि वे आपके दोस्त हैं, तो वे आपको बताएंगे, यदि नहीं, वे नहीं करेंगे. कोई भी सेना को सबूत देने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है. अगर सरकार सबूत देना चाहती है, तो दे सकती है. लेकिन सरकार यह भी जानती है कि यह सेना की नीति के खिलाफ होगी. पाकिस्तानियों ने उस जगह को समतल कर दिया था, जहां हमला हुआ था. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कहता है. मुझे लगता है कि यह कोई सवाल ही नहीं है. मीडिया को इस पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए.’

हमले के बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया, जवाब देने के लिए न तो सेना और न ही सरकार बाध्य

पूर्व विंग कमांडर ने कहा कि हमले के बाद पाकिस्तान अपने घुटनों पर आ गया है, यह कहते हुए कि यह सेना का कर्तव्य है कि “जवाब न दें”. “यह राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में है. स्ट्राइक देश के लिए आयोजित की गई थी. न तो सेना और न ही सरकार यह जवाब देने के लिए बाध्य है कि हमले कैसे और क्यों किए गए.” हमले के बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. अब उनके प्रधानमंत्री भारत से अच्छे संबंध चाहते हैं. यह सेना का कर्तव्य है कि अगर सर्वशक्तिमान पूछे तो भी जवाब न दे. (ANI)

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