नई दिल्ली: वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा का दिल्ली के फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल में निधन हो गया। वे 93 साल के थे. अभी कुछ दिन पहले ही वोरा और उनकी पत्नी शांति देवी वोरा का कोरोना वायरस का इलाज चल रहा था. दोनों कोरोन पॉजिटिव पाए जाने के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में भर्ती हुए थे. Also Read - दिल्ली: राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने की Covishield की मांग, बोले- 'कोवैक्सीन पर भरोसा नहीं'

उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि कोरोना वायरस के बाद हुई स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के बाद यहां एक निजी अस्पतातल में उनका निधन हुआ. वह कुछ हफ्ते पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे और कई दिनों तक एम्स में भर्ती रहने के बाद उन्हें छुट्टी भी मिल गई थी. Also Read - West Bengal Assembly Election: कांग्रेस का ममता बनर्जी को बड़ा ऑफर, कहा- पश्चिम बंगाल में मिलकर चुनाव लड़े TMC, बीजेपी से...

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा के निधन पर शोक जताया और कहा कि वह कांग्रेस के उन नेताओं में थे, जिन्हें व्यापक प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव था. Also Read - कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका भी हुए शामिल, कहा- पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही बीजेपी

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से किए गए एक ट्वीट में मोदी ने कहा, ‘‘मोतीलाल वोरा जी कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में थे, जिन्हें दशकों लंबे राजनीतिक जीवन में व्यापक प्रशासनिक और सांगठनिक अनुभव था. उनके निधन से दुखी हूं. उनके परिजनों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.’’

बता दें कि कांग्रेस कोषाध्यक्ष रहे मोतीलाल वोरा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और उत्तरप्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके रह चुके हैं.

मोतीलाल वोरा का जन्म 20 दिसंबर 1928 को राजस्थान के नागौर में पड़ने वाले निंबी जोधा में हुआ था. लेकिन उनका परिवार मध्य प्रदेश आकर बस गया. वोरा की पढ़ाई रायपुर और कोलकाता में हुई. उन्होंने बतौर पत्रकार से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री तक का लंबा सफर तय किया.