प्रयागराज में छात्रों के बीच राहुल गांधी, बोले- पढ़ाई के बाद भी नौकरी की गारंटी नहीं, रोजगार के रास्ते हो रहे बंद
राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के सामने आज सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है. उन्होंने कहा कि युवा और उनके परिवार पढ़ाई पर पैसा खर्च करते हैं, डिग्री हासिल करते हैं, लेकिन इसके बाद भी नौकरी मिलने की कोई गारंटी नहीं होती. राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि देश में करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को प्रयागराज में छात्रों के बीच पहुंचे. छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में उन्होंने रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं, कथित पेपर लीक, निजीकरण और युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को घेरा. राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के सामने आज सबसे बड़ी समस्या रोजगार की है. उन्होंने कहा कि युवा और उनके परिवार पढ़ाई पर पैसा खर्च करते हैं, डिग्री हासिल करते हैं, लेकिन इसके बाद भी नौकरी मिलने की कोई गारंटी नहीं होती. राहुल गांधी ने छात्रों से बातचीत के दौरान कहा कि देश में करीब 40 करोड़ युवा हैं और यही भारत की सबसे बड़ी ताकत हैं. उन्होंने कहा, "डेटा आपका है, दर्द आपका है और दौलत इनकी है." राहुल ने आरोप लगाया कि देश की राजनीतिक और संस्थागत व्यवस्था पर एक खास तरह का नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि विश्वविद्यालयों से लेकर नौकरशाही और दूसरे संस्थानों तक आरएसएस से जुड़े लोगों को जगह दी जा रही है.
रोगगार के मुद्दे पर सरकार को घेरा
रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि युवा कई साल तक पढ़ाई करते हैं और उनके परिवार उनकी पढ़ाई पर पैसा खर्च करते हैं, लेकिन डिग्री मिलने के बाद रोजगार के अवसर सीमित नजर आते हैं. उन्होंने दावा किया कि एक हजार युवाओं में सिर्फ 12 युवाओं को स्थायी नौकरी मिलती है. राहुल ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के कमजोर होने को भी रोजगार की समस्या से जोड़ते हुए कहा कि देश में रोजगार पैदा करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना जरूरी है. राहुल गांधी ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि इन फैसलों का असर छोटे कारोबार और रोजगार के अवसरों पर पड़ा. उन्होंने कहा कि दुनिया के बाजार में मेड इन चाइना’ और मेड इन वियतनाम’ के उत्पाद आसानी से दिखाई देते हैं, लेकिन मेड इन इंडिया’ को उस स्तर पर जगह नहीं मिली है. उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और हवाईअड्डों के निजीकरण का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए.
कांग्रेस नेता छात्रों से की सीधी बातचीत
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से सीधे बातचीत भी की. यूपीपीएससी की तैयारी कर रहे एक छात्र ने भर्ती प्रक्रिया और सामान्यीकरण से जुड़ी समस्याएं बताईं. अविनाश नाम के एक छात्र ने बताया कि वह 2018 से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहा है, लेकिन अब तक उसकी नियुक्ति नहीं हुई है. उसने कहा कि कई पद खाली होने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है. एक अन्य छात्र ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उसके सामने अब दो विकल्प हैं, चाय की दुकान खोलना या आत्महत्या करना. राहुल गांधी ने छात्र को रोकते हुए कहा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है. उन्होंने छात्र से उसके परिवार और पढ़ाई पर हुए खर्च के बारे में भी पूछा. छात्र ने बताया कि बीएड की पढ़ाई के लिए उसके परिवार ने जमीन तक बेच दी है और अब वह नौकरी की तलाश कर रहा है.
बिहार से कार्यक्रम में पहुंची छात्रा
बिहार से कार्यक्रम में पहुंची एक छात्रा ने भी प्रतियोगी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया. वहीं, एक अन्य छात्र ने पटना में प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का जिक्र किया. छात्रों ने कहा कि नौकरी, परीक्षा और परिणाम से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्हें लगातार आंदोलन करना पड़ रहा है. राहुल गांधी ने उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2017 से भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं. राहुल ने दरोगा भर्ती, कांस्टेबल भर्ती, यूपी एसआई भर्ती, लेखपाल भर्ती और आरओ-एआरओ भर्ती समेत कई परीक्षाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि युवाओं को बार-बार परीक्षा, आंदोलन और परिणाम के चक्र में फंसना पड़ रहा है.
युवाओं को बताया भारत की शक्ति
राहुल गांधी ने युवाओं से कहा कि वे अपनी बात खुलकर रखें. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से बोलना शुरू किया था, तब वह भी नर्वस होते थे, लेकिन प्रयागराज में छात्रों ने उनसे अपने घर की तरह खुलकर बातचीत की. उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत की शक्ति और शान हैं और उनकी ऊर्जा का इस्तेमाल देश के निर्माण में किया जाना चाहिए. सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी राहुल गांधी ने युवाओं को सावधान किया. उन्होंने कहा कि युवाओं को लगातार रील देखने और बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और यह 21वीं सदी के एक तरह के नशे जैसा बनता जा रहा है. उन्होंने कहा कि युवाओं का ध्यान रोजगार और देश के विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से नहीं भटकना चाहिए.
प्रयागराज से पारिवारिक जुड़ाव का जिक्र
राहुल गांधी ने प्रयागराज से अपने पारिवारिक जुड़ाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उनका परिवार प्रयागराज में रहा है और उन्हें यहां आकर खुशी होती है. उन्होंने प्रयागराज को ज्ञान का केंद्र बताते हुए कहा कि शहर की पुरानी पहचान को फिर से मजबूत करने की जरूरत है. कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने राजनीतिक चंदे और संस्थानों पर प्रभाव को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने एक राजनीतिक पार्टी के बैंक बैलेंस का जिक्र करते हुए दावा किया कि करीब 150 करोड़ रुपये से बढ़कर यह राशि आज हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक व्यवस्था के जरिए लोगों की सोच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है.
राहुल गांधी ने युवाओं के डेटा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि युवाओं का डेटा बड़ी कंपनियों तक पहुंच रहा है और आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए इसी डेटा का इस्तेमाल लोगों को मिलने वाले अवसरों और विकल्पों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है. उन्होंने युवाओं से अपनी ताकत और डेटा को लेकर जागरूक रहने की अपील की. (एजेंसी इनपुट्स)
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