नई दिल्ली: कांग्रेस ने कोरोना वायरस की जांच के लिए चीन से आयात की कई किट पर कथित रूप से मोटा मुनाफा कमाने को लेकर सोमवार को कहा कि सरकार इस ‘मुनाफाखोरी और कालाबाजारी’ की तत्काल जांच कराए और कार्रवाई करे.पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने सरकार से आग्रह भी किया कि कोरोना जांच के किट के आयात से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं ताकि देश को पता चल सके कि कौन लोग संकट के समय ऐसी गतिविधि में शामिल हैं. Also Read - यूपी सरकार ने शॉपिंग मॉल खोलने को लेकर जारी किए दिशानिर्देश, मास्क के बिना अनुमति नहीं

कांग्रेस प्रवक्‍ता ने वीडियो लिंक के माध्यम से मीडियाकर्मियों से कहा, ”एक कंपनी को ठेका दिया गया कि वह चीन से पांच लाख जांच किट खरीदे. वह ठेका आईसीएमआर के कहने पर दिया गया. चीन से जो किट आयात की गई है उसकी कीमत 245 प्रति किट बनती है. पांच लाख किट की कुल कीमत 12 करोड़ 25 लाख रुपए बनती है.” Also Read - Goggle Mask: कोरोना को देने मात, लखनऊ दंपति ने बनाया 'गॉगल मास्क'

कांग्रेस प्रवक्‍ता तिवारी ने कहा, ”आयात करने वाली कंपनी ने ये किट दूसरी कंपनी को 21 करोड़ रुपए में बेची. फिर इस कंपनी ने आईसीएमआर को ये किट 30 करोड़ रुपये में दी. कुल मिलाकर दो कंपनियों ने मिलकर 18.75 करोड़ रुपए का मोटा मुनाफा कमाया. Also Read - सन फार्मा ने शुरू किया इस दवा के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल, 210 मरीजों पर होगा टेस्ट 

कांग्रेस नेता के मुताबिक जिस कंपनी ने चीन से आयात किया, वही कंपनी तमिलनाडु सरकार को 400 रुपये दे रही है. अदालत ने फटकार लगाई तो उस कंपनी ने कहा कि हम 400 रुपए में आईसीएमआर को आपूर्ति कर देंगे.

कांग्रेस प्रवक्‍ता ने कहा, ”इस समय कालाबाजारी और मुनाफाखोरी को रोकने की जरूरत है. सरकार से मांग करना चाहते हैं इस मामले की तत्काल जांच होनी चाहिए और इस महामारी के समय इस मुनाफाखोरी पर रोक लगनी चाहिए. जितनी भी किट आयात हुई है उनसे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि देश को पता लगना चाहिए कि कौन लोग ऐसा कर रहे हैं.”

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस का इस मामले पर अदालत जाने का विकल्प खुला हुआ है तो तिवारी ने कहा कि अगर सरकार अपने कदम पीछे खींचते है तो सारे विकल्प खुले हुए हैं.