नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से कर्नाटक में सियासी संकट जारी है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी धनबल से विधायकों को खरीदना चाहती और कांग्रेस-जेडीएस की सरकार को अस्थिर करना चाहती है. वहीं बीजेपी का कहना है कि वह गठबंधन की सरकार को पार्टी अस्थिर नहीं करेगी. कांग्रेस के विधायक इस समय एक रिजॉर्ट में ठहरे हुए हैं. शनिवार को कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम ने उस वक्त अजीबोगरीब मोड़ ले लिया जब कांग्रेस के विधायक जे एन गणेश की अपनी ही पार्टी के विधायक आनंद सिंह से कथित तौर पर झड़प हो गई. इस बीच, कांग्रेस ने पार्टी विधायक दल की अहम बैठक में हिस्सा नहीं लेने वाले अपने चार विधायकों को नोटिस जारी किया है.

कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि पार्टी के दोनों विधायकों के बीच झड़प की घटना शनिवार की रात शहर के उस रिजॉर्ट में हुई जहां कांग्रेस के विधायक शुक्रवार से ही जमे हुए हैं. मुख्य विपक्षी भाजपा की ओर से कांग्रेस-जद एस सरकार गिराने की कथित कोशिशों के कारण इन विधायकों को रिजॉर्ट में रखा गया है. इस बीच कांग्रेस ने एक बार फिर कांग्रेस ने पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई है. सभी विधायकों को इस मीटिंग में शामिल होने के लिए कहा गया है. तीन दिन के भीतर यह दूसरी बार है जब कांग्रेस ने विधायक दल की मीटिंग बुलाई है.

रविवार को ही पार्टी ने अपने चार विधायकों को भेजे गए नोटिस में जानना चाहा है कि शुक्रवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हिस्सा नहीं लेने पर उनके खिलाफ दल-बदल निरोधक कानून के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाए. कांग्रेस ने अपने शक्ति प्रदर्शन के उद्देश्य से विधायक दल की बैठक की थी.

इस बीच कांग्रेस विधायक आनंद सिंह की पत्नी ने रविवार को पार्टी विधायक जी एन गणेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी. लक्ष्मी सिंह ने मुंबई से मीडिया के एक हिस्से से कहा कि अगर यह सच है कि गणेश ने मेरे पति के साथ मारपीट की है तो मैं और मेरे बच्चे चुप नहीं बैठेंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. वह इस समय एक रिश्तेदार की शादी में भाग लेने के लिए मुंबई में हैं और जल्द ही उनके बेंगलुरु लौटने की संभावना है. बहरहाल, अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि आनंद सिंह की ‘आंखें काली पड़ गई हैं. आनंद ने छाती में बेचैनी की शिकायत की थी, लेकिन अब वह ‘ठीक’ हैं और वॉर्ड में हैं.

गणेश कांग्रेस के उन ‘असंतुष्ट’ विधायकों में शामिल बताए जाते हैं जो कथित तौर पर भाजपा में शामिल होने की योजना बना रहे पार्टी के असंतुष्ट विधायकों के संपर्क में हैं. भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने राज्यपाल वजुभाई वाला और विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार से घटना की रिपोर्ट मांगने की अपील की है. कांग्रेस प्रवक्ता एवं निजामाबाद के पूर्व सांसद मधु गौड़ याक्षी ने बताया, ‘यह निजी मामला था, जिले से जुड़ा था. वे कारोबार में एक साथ हैं. इस झड़प का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. वे एक ही जिले के हैं और उनके कारोबारी रिश्ते हैं. यह (झगड़ा) उसी से जुड़ा है. इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.