नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस में फूट पड़ती दिख रही है. कई वरिष्ठ नेता और विधायक इस मुद्दे पर केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के फैसले के साथ खड़े दिख रहे हैं. उत्तर प्रदेश से विधायक अदिति सिंह (Aditi Singh) हो या महाराष्ट्र के मिलिंद देवरा या फिर वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी (Janardan Dwivedi), सभी केंद्र सरकार के फैसले को कश्मीर की जनता के हित में लिया गया फैसला करार दे रहे हैं. आपको बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने (एक प्रावधान छोड़कर) का संकल्प पेश किया. राज्यसभा ने अनुच्छेद 370 (Article 370) की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केन्द्रशासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दे दी.

गृह मंत्री अमित शाह ने इस अनुच्छेद के कारण राज्य में विकास नहीं होने और आतंकवाद पनपने का दावा करते हुए आश्वासन दिया कि जम्मू कश्मीर को केन्द्रशासित क्षेत्र बनाने का कदम स्थायी नहीं है तथा स्थिति समान्य होने पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा. कांग्रेस ने सरकार द्वारा लाए गए इस संकल्प का राज्यसभा में विरोध किया, लेकिन पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और सोनिया गांधी के करीबी माने जाने वाले जनार्दन द्विवेदी ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्‍वागत किया है. उन्‍होंने कहा, ”मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया हमेशा इस आर्टिकल के खिलाफ थे. भले देर से ही सही, इतिहास की एक गलती को अब दुरुस्‍त किया गया है. मैं इसका स्‍वागत करता हूं.”

जनार्दन द्विवेदी के अलावा कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी इस मामले में पार्टी-लाइन के खिलाफ जाकर केंद्र के फैसले से सहमति जताई है. उत्तर प्रदेश के रायबरेली सदर से विधायक अदिति सिंह ने राज्यसभा में सरकार के संकल्प को मंजूरी मिलने के बाद ट्वीट कर अपनी सहमति जताई. उन्होंने अपने ट्वीट में देश के एकजुट रहने और खुद के भारतीय होने की बात कही. अदिति सिंह ने हैशटैग आर्टिकल 370 के साथ ‘युनाइटेड वी स्टैंड, जय हिंद’ लिखकर फैसले का समर्थन किया. इस पर जब उनसे एक इंटरनेट यूजर ने पूछा कि आप तो कांग्रेसी हैं, इस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं एक हिंदुस्तानी हूं’.

अदिति सिंह और जनार्दन द्विवेदी के अलावा महाराष्ट्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मिलिंद देवरा भी केंद्र के फैसले के समर्थन में दिखे. उन्होंने राज्यसभा में इस मामले को लेकर हुई बहस के गलत दिशा में जाने पर खेद जताया. एक के बाद एक किए गए कई ट्वीट के जरिए मिलिंद देवरा कश्मीर में विकास और रोजगार के लिए इस फैसले का समर्थन करते दिखे.