नई दिल्ली: कर्नाटक में बीजेपी की सरकार गिरने के बाद सोमवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. अमित शाह ने कर्नाटक में पूर्ण बहुमत नहीं होने के बाद भी सरकार बनाने का दावा करने के बारे में कहा कि अगर हम सरकार बनाने का दावा नहीं पेश करते तो यह कर्नाटक के लोगों के जनादेश के खिलाफ होता. शाह ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि कर्नाटक में जनादेश कांग्रेस और जेडीएस के खिलाफ है और ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि दोनों पार्टियां चुनाव के बाद गठबंधन करके लोगों के जनादेश का अपमान कर रही हैं.

हॉर्स ट्रेडिंग पर दिया जवाब
दिल्ली में बीजेपी के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए अमित शाह ने बीजेपी पर लग रहे हॉर्स ट्रेंडिंग के आरोपों को नकार दिया. शाह ने कहा, ”हमने कोई हॉर्स ट्रेडिंग नहीं की, अगर हम कर्नाटक में सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करते तो वो जनता के जनादेश का अपमान होता और हमारे ऊपर तो हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगते हैं मगर कांग्रेस ने तो पूरा अस्तबल ही बेचा है.”

गोवा और मणिपुर पर दी सफाई
अमित शाह ने गोवा और मणिपुर में सरकार बनाने पर भी सफाई दी. दरअसल कर्नाटक में दूसरे और तीसरे नंबर पर रही कांग्रेस और जेडीएस द्वारा मिलकर सरकार पर बीजेपी हमलावर है और ये कहकर विरोध कर रही है कि जनता ने अपना जनादेश बीजेपी को दिया है और कांग्रेस और जेडीएस चुनाव के बाद गठबंधन करके जनादेश का अपमान कर रहे हैं.

इसपर जब पत्रकारों ने अमित शाह से गोवा और मणिपुर में दूसरे नंबर पर रहने पर भी सरकार बनाने पर सवाल पूछा तो शाह ने कहा, ”गोवा और मणिपुर में चुनाव का नतीजा आने के बाद कांग्रेस के नेता आराम कर रहे थे, उन्होंने दो दिन बाद तक भी सरकार बनाने का कोई दावा नहीं किया था, ऐसे में राज्यपाल के पास दूसरे सबसे बड़े दल को बुलाने के अलावा और कोई चारा नहीं था. जब सबसे बड़ी पार्टी सरकार बनाने का दावा नहीं करेगी तो राज्यपाल दूसरे बड़े दल को ही बुलाएंगे इसमें कोई गलत बात नहीं है.”

कांग्रेस पर लगाया आरोप
इसके अलावा शाह ने कांग्रेस पर जोड़ तोड़ करके सरकार बनाने का भी आरोप लगाया. शाह ने कहा कि इंदिरा गांधी के समय कांग्रेस पार्टी ने धारा 356 का प्रयोग करके देशभर में 50 सरकारें गिराई थीं और कांग्रेस में सबसे पहले पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने केरल में धारा 356 का प्रयोग किया था. कर्नाटक में बीजेपी की सरकार गिरने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी पर शाह ने ये कहकर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया कि ”मैं शुरू से राहुल गांधी की टिप्पणियों पर टिप्पणी नहीं करता जब समय आएगा तो टिप्पणी करुंगा.”

शाह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, जिसने लोकतंत्र को तोड़ा मरोड़ा, इमरजेंसी लगाई वो आज लोकतंत्र की दुहाई दे रही है. इसके अलावा शाह ने कांग्रेस पर अपनी हार को जीत बताने का भी आरोप लगाया और उम्मीद जताई कि जीत की यह नई परिभाषा 2019 तक जारी रहेगी. शाह ने कहा कि कांग्रेस को कर्नाटक के लोगों को यह समझाना चाहिए कि जब उसके ज्यादातर मंत्री चुनाव हार गए हैं तब भी वह जश्न क्यों मना रहे हैं?