लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के 36 घंटे चले विशेष सत्र में पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर सत्र में शामिल हुईं रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह को ‘कारण बताओ’ नोटिस मिलने के बावजूद विधानसभा उपचुनाव के लिए जारी हुई पार्टी प्रचारकों की सूची में स्थान मिला है.

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित विशेष सत्र में अदिति पार्टी के निर्णय के विपरीत न केवल शामिल हुईं, बल्कि उन्होंने सदन में अपने विचार भी रखे. इस पर कांग्रेस ने उन्हें ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया था. पार्टी सूत्रों के अनुसार अदिति प्रदेश में 11 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल हैं. हालांकि पार्टी नेता इस मुद्दे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि स्टार प्रचारकों की सूची उनके विधानसभा में बोलने और ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी होने से पहले ही तैयार हो गयी थी.

इस संबंध में एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर कहा कि स्टार प्रचारकों की सूची महासचिव मुकुल वासनिक के हस्ताक्षर से 28 सितंबर को जारी हुई थी, जबकि विधानसभा का विशेष सत्र बहुत बाद में दो अक्टूबर को था. शुक्रवार को कांग्रेस ने अदिति सिंह को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया था और उनसे दो दिन के अंदर जवाब देने को कहा था. दो दिन की यह अवधि कल रविवार को समाप्त हो गयी.

कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने अदिति को भेजे ‘कारण बताओ’ नोटिस में कहा था कि ‘आप पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर विधानसभा की कार्यवाही में शामिल हुईं. यह पार्टी के अनुशासन के खिलाफ है और यह पार्टी विरोधी गतिविधि है. आप दो दिन के अंदर इस नोटिस का जवाब दें, अन्यथा आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.’ लल्लू से सोमवार को जब पूछा गया कि क्या उन्हें विधायक अदिति का जवाब मिल गया है तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि दशहरा की छुट्टी होने के कारण विधानमंडल दल का कार्यालय बंद है.