कांग्रेस के रमेश कुमार सर्वसम्मति ने कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष बने

कांग्रेस विधायक केआर रमेश को शुक्रवार को सर्वसम्मति से कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का चुन लिया गया.

Published date india.com Updated: May 25, 2018 4:16 PM IST
कांग्रेस के रमेश कुमार सर्वसम्मति ने कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष बने
KR Ramesh elected as Vidhana Soudha Speaker

बेंगलुरू: कांग्रेस विधायक केआर रमेश को शुक्रवार को सर्वसम्मति से कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष का चुन लिया गया. भाजपा उम्मीदवार एस सुरेश कुमार के अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के बाद वे निर्वाचित घोषित किए गए. मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बहुमत साबित करने से पहले इसे कांग्रेस की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है.

भाजपा नेतृत्व से निर्देश मिलने के बाद सुरेश कुमार ने बैठक शुरू होने पर अपना नामंकन वापस ले लिया. सुरेश कुमार ने ट्वीट किया कि पार्टी के निर्देशानुसार, मैंने कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था. अब, पार्टी में चर्चा के बाद यह महसूस किया गया कि अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुना जाना चाहिए, जैसी कि संसदीय परंपरा रही है. राज्य से पांच बार विधायक रह चुके सुरेश कुमार ने गुरुवार को नामांकन दाखिल किया था. इसके साथ ही स्पष्ट हो गया था कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बहुमत साबित करने से पहले भाजपा जद (एस)-कांग्रेस गठबंधन को विधानसभा में अध्यक्ष पद के लिए चुनौती देना चाहती है.

LIVE कर्नाटक: कुमारस्वामी जीते फ्लोर टेस्ट, मिले 117 वोट

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

बीजेपी ने नाम वापस लिया

सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद जैसे ही अस्थायी अध्यक्ष के जी बोपैया ने इस मामले को उठाया तभी भाजपा के सुनील कुमार खड़े हो गए और उन्होंने कहा कि वह सुरेश कुमार को अध्यक्ष बनाने का अपना प्रस्ताव पेश नहीं कर रहे हैं. इस पर सुरेश कुमार ने कहा कि मैं इसे स्वीकार करता हूं. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी के नेता सिद्दरमैया ने राकेश कुमार के नाम का प्रस्ताव पेश किया और उप मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने इसका अनुमोदन किया. इसके बाद सदन ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया.

कुमारस्‍वामी को 117 सदस्‍यों का समर्थन

मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा रमेश कुमार को अध्यक्ष के आसन तक ले गए. हाल ही में हुए चुनावों में 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी भाजपा के इस कदम से स्पष्ट है कि वह अपने उम्मीदवार की जीत के लिए समर्थन नहीं जुटा पाई थी. कांग्रेस-जद (से) ने मिलकर 117 सदस्यों के समर्थन का दावा किया है. इनमें कांग्रेस के 78, कुमारस्वामी की जद (से) के 36 और बीएसपी का एक विधायक शामिल है. गठबंधन ने केपीजीपी के एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन होने का दावा भी किया है. कुमारस्वामी ने स्वयं दो सीटों पर जीत दर्ज की है. (इनपुट एजेंसी)

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.