नई दिल्ली: गोवा में कांग्रेस के दो विधायकों ने मंगलवार को राज्य विधानसभा से इस्तीफा दे दिया. इससे राज्य में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. विधानसभा अध्यक्ष प्रमोद सावंत ने बताया कि कांग्रेस विधायक सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोप्ते ने विधानसभा के सदस्य के रूप में अपना इस्तीफा मेरे कार्यालय को भेजा है. हमें उनका इस्तीफा मिल गया है. सोप्ते (54) उत्तरी गोवा जिले में मंड्रेम विधानसभा क्षेत्र से और शिरोडकर (66) दक्षिण गोवा जिले में शिरोडा से विधायक थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने उन्हें बताया कि वे बिना किसी दबाव अपना इस्तीफा दे रहे हैं.

उन्होंने बताया कि दोनों विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. विधानसभा में विधायकों की संख्या 38 हो गई है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के विधायकों की संख्या 14-14 हो गई है. वहीं एमजीपी के तीन, गोवा फॉवर्ड पार्टी के तीन एनसीपी के एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं. हमने चुनाव आयोग को इस बारे में सूचित कर दिया है. अब ये आयोग के ऊपर है कि वह कब उपचुनाव कराता है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के दोनों विधायक मंगलवार सुबह बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंचे. शाह के आवास पर हुई बैठक में दोनों विधायकों के अवाला गोवा बीजेपी के अध्यक्ष विनय तेंदुलकर और मंत्री विनायक राणे भी बैठक में मौजूद थे. सूत्रों का दावा है कि सत्ताधारी बीजेपी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनने के लिए अपने विधायकों की संख्या बढ़ाना चाहती है. इसमें पर्रिकर के उत्तराधिकारी बनने के इच्छुक विश्वजीत राणे एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

दोनों विधायक सोमवार रात दिल्ली गए थे जिससे यह अटकलें लगने लगी थी कि वे कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं. मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के लंबे समय से बीमार रहने के कारण गोवा में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही हैं. इस समय गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के डॉक्टर यहां पर्रिकर के निजी आवास में उनका इलाज कर रहे हैं. सोप्ते और शिरोडकर के इस्तीफों से पूर्व कांग्रेस राज्य विधानसभा में 16 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी.

दूसरी ओर गोवा में कांग्रेस के पर्यवेक्षक और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ए. चेल्लाकुमार ने दावा किया है कि गोवा की बीजेपी सरकार में मंत्री विश्वजीत राणे अगले साल लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ताधारी गठबंधन को तोड़कर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे. बहरहाल, राणे ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है. चेल्लाकुमार ने दावा किया कि दो महीने पहले तक राणे इस मुद्दे पर उनके संपर्क में थे. पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में राणे वालपोई सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे, लेकिन कुछ ही दिनों में उन्होंने विधायक पद और कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और सत्ताधारी बीजेपी में शामिल हो गए.

दूसरी ओर गोवा कांग्रेस ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सोमवार को यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि ‘कोई गलत हथकंडा अपनाकर’’ राज्य विधानसभा भंग नहीं हो. गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गिरीश चोडणकर ने अपने ज्ञापन में कोविंद को इस बात से अवगत कराया कि उन्होंने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के बारे में राज्यपाल मृदुला सिन्हा को कई बार जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि राष्ट्रपति राज्यपाल को निर्देश दें और उनका मार्गदर्शन करें ताकि विधानसभा भंग करने के प्रयास में कोई संविधान से इतर कदम ना उठाया जाए.