Congress Mps Will Also Sign Resolution Against Justice Verma In Loksabha Jairam Ramesh
इस काम के लिए कांग्रेस लोकसभा में देगी भाजपा का साथ, महासचिव जयराम रमेश ने की घोषणा, कहा- 'हम ऐसा करने के लिए बाध्य'
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि मुख्य विपक्षी दल लोकसभा में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जाने वाले प्रस्ताव का समर्थन करेगा और उसके सांसद भी इस पर हस्ताक्षर करेंगे.
Parliament Monsoon Session: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा है कि मुख्य विपक्षी दल लोकसभा में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ लाए जाने वाले प्रस्ताव का समर्थन करेगा और उसके सांसद भी इस पर हस्ताक्षर करेंगे. जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस के सांसद भी इस पर हस्ताक्षर करेंगे क्योंकि तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने इस मामले में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर हमें ऐसा करने के लिए बाध्य कर दिया है.
पीटीआई-भाषा को दिए एक साक्षात्कार में जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कांग्रेस और दूसरे विपक्ष दल इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति शेखर यादव की संविधान विरोधी और सांप्रदायिक टिप्पणी के मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाएंगे और कार्रवाई की मांग करेंगे.
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पिछले साल दिसंबर में 55 विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में न्यायमूर्ति यादव के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव संबंधी नोटिस दिया था, लेकिन इसके बाद से सभापति जगदीप धनखड़ ने कोई कदम नहीं उठाया है.
क्या है न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से जुड़ा मामला
इस साल मार्च में जब न्यायमूर्ति वर्मा दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश थे तब राष्ट्रीय राजधानी स्थित उनके आवास पर आग लगने की घटना हुई थी और उस समय जले हुए नोट बरामद होने की बात सामने आई थी. हालांकि न्यायाधीश ने नकदी के बारे में अनभिज्ञता जताई थी. इसके बाद उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने कई गवाहों से बात करने और उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें दोषी पाया. न्यायमूर्ति खन्ना ने प्रधान न्यायाधीश रहते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें हटाने की सिफ़ारिश की थी.
हम समर्थन कर रहे हैं लेकिन महाभियोग के लिए नहीं- जयराम रमेश
न्यायमूर्ति वर्मा के ख़िलाफ़ प्रस्ताव लाने की सत्तापक्ष की पहल के बारे में पूछे जाने पर रमेश ने कहा कि सरकार महाभियोग नहीं चला सकती. संविधान के अनुच्छेद 124 में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रस्ताव सांसद ही लाते हैं. लोकसभा में 100 सांसद या राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर होने चाहिए. हम समर्थन कर रहे हैं, हमारे सांसद लोकसभा में प्रस्ताव पर हस्ताक्षर भी कर रहे हैं और यह महाभियोग के लिए नहीं बल्कि न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत अध्यक्ष द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित करने के लिए है.
जयराम रमेशबताया कि इस मामले में पहले समिति गठित की जाएगी जो मामले की जांच करेगी तथा अपनी रिपोर्ट देगी और फिर उस रिपोर्ट के आधार पर संभवतः संसद के शीतकालीन सत्र में, पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा में संबंधित न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया शुरू होगी.
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