मुंबई: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की गैंगस्टर करीम लाला से मुलाकात की शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) की टिप्पणी को लेकर उठे विवाद के बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस को मुंबई के अंडरवर्ल्ड Underworld से पैसा मिलता था?”. बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने यह सवाल भी किया कि क्या (उस समय) यह राज्य में राजनीति के अपराधीकरण की शुरुआत थी और क्या कांग्रेस ने मुंबई में हमला करने वालों का साथ दिया था. भाजपा नेता ने कांग्रेस नेतृत्व से राउत के बयान पर सफाई मांगते हुए कहा कि उनकी पार्टी ऐसे आरोपों पर चुप क्यों है.Also Read - संजय राउत के खिलाफ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा, BJP के पूर्व सांसद की पत्नी ने ठोंका केस

देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ”संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के बारे में एक बड़ा खुलासा किया. वह मुंबई क्यों आती थी और क्या कांग्रेस Congress को मुंबई के अंडरवर्ल्ड से पैसा मिलता था? क्या यह राज्य में राजनीति के अपराधीकरण की शुरुआत थी?’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि क्या उन दिनों कांग्रेस को चुनाव जीतने के लिए बाहुबल की जरूरत थी? Also Read - राहुल गांधी ने कहा- राजस्थान की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना पूरे देश में लागू हो

फडणवीस ने राउत को यह कहते हुए उद्धृत किया कि अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील और दाऊद इब्राहिम तय करते थे कि ”पुलिस
आयुक्त कौन होगा, साथ ही ‘मंत्रालय’ (राज्य सचिवालय) में नियुक्ति भी…” उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, शीर्ष नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को इन सवालों के जवाब देने चाहिए. Also Read - महाराष्ट्र: संजय राउत ने कहा- राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन नहीं देगी शिवसेना

पूर्व मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, उनकी शीर्ष नेता पर ऐसे आरोप लगने के बाद भी कांग्रेस के नेतागण क्यों चुप है. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ने पूछा, ”क्या कांग्रेस ने मुंबई हमलों का समर्थन किया? कांग्रेस इस पर सफाई क्यों नहीं दे
रही?”

बता दें कि पुणे में लोकमत मीडिया समूह के एक कार्यक्रम के दौरान दिए एक इंटरव्‍यू में राउत ने दावा किया था, ”जब
(अंडरवर्ल्ड डॉन) हाजी मस्तान मंत्रालय आए थे, तो पूरा सचिवालय उन्हें देखने नीचे आ गया था. इंदिरा गांधी पायधुनी (दक्षिण
मुंबई) में करीम लाला से मिला करती थीं.”

राउत ने हालांकि, आज गुरुवार को अपने बयान को वापस ले लिया था. राउत ने कहा, ”अगर किसी को लगता है कि मेरे बयान से इंदिरा गांधी की छवि को नुकसान पहुंचा या किसी की भावनाएं आहत हुईं, तो मैं उसे वापस लेता हूं.”