नई दिल्ली: कांग्रेस ने पिछले छह महीनों में चीनी घुसपैठ नहीं होने से जुड़े गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के बयान को लेकर सरकार की आलोचना करते हुए बुधवार को कहा कि यह गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों की शहादत का अपमान है और चीन से लगी सीमा पर गतिरोध को लेकर सरकार स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.Also Read - Parliament Winter Session Today: विपक्ष के हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों से कृषि कानून वापसी बिल पास

पार्टी ने यह दावा भी किया कि चीन के आक्रामक व्यवहार के बावजूद सरकार उसके साथ कारोबारी रिश्ते बनाए हुए और भारी-भरकम कर्ज लिया है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”आप क्रोनोलॉजी समझिए. प्रधानमंत्री बोले कि कोई सीमा में नहीं घुसा. फिर चीन-स्थित बैंक से भारी क़र्ज़ा लिया. फिर रक्षामंत्री ने कहा चीन ने देश में अतिक्रमण किया. अब गृह राज्य मंत्री ने कहा अतिक्रमण नहीं हुआ.” राहुल गांधी ने सवाल किया, ”मोदी सरकार भारतीय सेना के साथ है या चीन के साथ? इतना डर किस बात का?” Also Read - 12 दिसंबर को दिल्ली में होगी कांग्रेस की ‘महंगाई हटाओ रैली’, सोनिया और राहुल करेंगे संबोधित

पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मीडियाकर्मियों से कहा, ”सरकार ने मंगलवार को संसद में स्वीकार किया कि बीजिंग में मौजूद एशियन इंफ्रास्टक्चर डेवलपमेंट बैंक से 9202 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया. इससे चीन के साथ कारोबारी रिश्तों पर अंकुश लगाने को लेकर मोदी सरकार की नीति बेनकाब हो गई.” Also Read - Constitution Day: संविधान दिवस आज, संसद में होने वाले समारोह का कांग्रेस ने किया बहिष्कार, जानें वजह

कांग्रेस ने सवाल किया, ”हम विदेश मंत्री एस जयशंकर से पूछना चाहते हैं कि क्या वह अब भी अपने बयान पर कायम हैं कि सीमा पर जमीनी स्तर पर स्थिति बदलने के चीन के एकतरफा प्रयास को देखते हुए कारोबारी रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते?” खेड़ा ने कहा कि चीन की क्षेत्रीय आक्रामकता से जुड़ी स्थिति से निपटने में मोदी सरकार के दोहरे मापदंड से देश हैरान है.

कांग्रेस प्रवक्‍ता ने राज्यसभा में राय द्वारा दिए गए एक सवाल के लिखित जवाब को लेकर कहा, ”गृह राज्य मंत्री ने संसद में एक सवाल के जवाब में कहा कि चीन से लगी सीमा पर पिछले छह महीनों में कोई घुसपैठ नहीं हुई.

कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा, ”क्या गलवान घाटी में टकराव चीन की सीमा में हुआ था? क्या सरकार भारतीय सेना को ही दुश्मन के क्षेत्र में दाखिल होने की जिम्मेदार ठहरा रही है?” यह गलवान घाटी में 15 जून की रात शहीद हुए हमारे बहादुर जवानों की शहादत का अपमान है. उन्होंने कहा कि सरकार को चीन के साथ सीमा पर हालात को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

बता दें कि सरकार ने बुधवार को कहा कि पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर कोई घुसपैठ नहीं हुई, जबकि इस अवधि में भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ के प्रयास के 47 मामले सामने आए हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”पिछले छह महीने में भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ का कोई मामला सामने नहीं आया है.”

राज्यसभा में आज एक प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि जम्मू कश्मीर में पिछले तीन वर्षो में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा घुसपैठ के 594 प्रयास किये जाने के मामले सामने आए जिसमें 312 घुसपैठ हुई .