नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के पीडीपी का साथ छोड़ने के बाद कांग्रेस ने केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी पर जमकर हमला बोला. पार्टी ने आरोप लगाया कि ‘अवसरवादी गठबंधन’ से राज्य को ‘आग में झोंकने’ के बाद अब बीजेपी ने ‘नया खेल खेलने के लिए नया मुखौटा लगा लिया है.’ पार्टी ने राज्य में सरकार गठन में अपनी किसी भी तरह की भागीदारी की संभावना को सिरे से खारिज किया और कहा कि पीडीपी के साथ हाथ मिलने का सवाल ही नहीं उठता.

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इन दोनों पार्टियों के अवसरवादी गठबंधन ने राज्य को आग में झोंक दिया, जिससे निर्दोष लोगों और सैनिकों को जान गंवानी पड़ी.

गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘भाजपा और पीडीपी गठबंधन ने जम्मू-कश्मीर को आग में झोंक दिया जिसमें निर्दोष लोग और हमारे बहादुर जवानों की जान चली गई. इससे भारत को सामरिक रूप से नुकसान हुआ है और संप्रग सरकार की वर्षों की कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया.’ उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रपति शासन में नुकसान जारी रहेगा। अहंकार, अक्षमता और घृणा हमेशा विफल होती है.’’

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘भाजपा की सत्ता की भूख ने जम्मू कश्मीर को आतंक की आग में झोंक दिया. चार वर्षों में 373 जवान शहीद, 239 नागरिक मारे गए. देश को क्या हासिल हुआ?’’ सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि भाजपा ने फिर नया खेल खेलने के लिए नया मुखौटा लगा लिया.

पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा, ‘‘पीडीपी-भाजपा के अलगाव का उन लोगों द्वारा स्वागत किया जाएगा जो इस बात को लेकर निराश थे कि शायद कश्मीर हमेशा के लिए (हाथ से) निकल गया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘बल प्रयोग, सैन्यवादी नीति पहले दिन से ही त्रासदी थी. यह राहत की बात है कि अवसरवादी गठबंधन टूट गया.’’
चिदंबरम ने कहा, ‘‘आशा करते हैं कि यह बल प्रयोग और सैन्यवादी नीति राज्यपाल शासन के तहत वापसी नहीं करेगी.’’ इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पीडीपी के साथ हाथ मिलाने का सवाल ही नहीं उठता.

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री आजाद ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने अपनी गलती मान ली, अपनी गलती स्वीकार की। ये तीन साल भाजपा और पीडीपी जम्मू-कश्मीर में सरकार चलाने में पूरी तरह असफल हुए और इन सवा तीन सालों में इन्होंने जम्मू-कश्मीर को बर्बाद किया, तबाह कर दिया.’’ बता दें कि भाजपा आज पीडीपी से अलग हो गई और उसने गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया.