नई दिल्ली: कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने सोमवार को ‘देश की एकता के लिए सत्याग्रह’ किया तथा इस मौके पर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश की जनता मोदी को भारत माता की आवाज नहीं दबाने देगी. पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा राहुल गांधी समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इस सत्याग्रह में भाग लिया. सत्याग्रह में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इस देश की जनता मोदी को संविधान पर आक्रमण और भारत माता की आवाज को दबाने नहीं देगी.

महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर कांग्रेस के सत्याग्रह में राहुल गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि देश की उन्नति को नष्ट करने का जो काम भारत के दुश्मन भी नहीं कर पाए वो काम करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी पूरी ताकत लगा रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ देश एक आवाज होता है और आज हमने जो संविधान की प्रस्तावना पढ़ी है वो हिंदुस्तान की जनता की आवाज थी. इस आवाज ने अंग्रेजों को भारत से भगाया. प्यार और शांति से यह किया. उसी आवाज ने हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था को खड़ा किया और करोड़ों युवाओं को रोजगार दिया. इस आवाज के बिना हिंदुस्तान नहीं रह सकता.’’

गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘देश के दुश्मनों ने कोशिश की कि इस आवाज को दबाया जाए, देश की उन्नति को नष्ट किया जाए और देश की अर्थव्यवस्था को भी नष्ट किया जाए. जनता ने लड़ाई लड़ी और दुश्मनों को रोका. जो काम देश के दुश्मन नहीं कर पाए वो काम करने के लिए नरेंद्र मोदी पूरा दम लगाकर कोशिश कर रहे हैं.’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी, आप कांग्रेस पार्टी से नहीं लड़ रहे हैं, आप देश की आवाज के खिलाफ खड़े हो गए हैं. मैं आपको और आपके मित्र अमित शाह को बताना चाहता हूं कि यह आवाज भारत माता की आवाज है. अगर आप इस भारत माता की आवाज को दबाने की कोशिश करेंगे तो भारत माता आपको जवाब देने जा रही है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश की जनता आपको भारत माता की आवाज को दबाने नहीं देगी. संविधान में सभी धर्म के लोगों की आवाज है और आपको संविधान पर आक्रमण नहीं करने देगी.’’ कांग्रेस के सत्याग्रह की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम से हुई और फिर सोनिया, मनमोहन और राहुल गांधी ने अंग्रेजी भाषा में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी. बाद में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हिंदी और कई अन्य नेताओं ने देश की अलग अलग भाषाओं में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी.

संविधान की प्रस्तावना पढ़ने से पहले प्रियंका गांधी ने सोमवार को कहा कि वह और उनकी पार्टी के लोग नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ आंदोलन में ‘शहीद’ हुए लोगों के नाम पर संकल्प लेते हैं कि वे संविधान की रक्षा करेंगे. नागरिकता संशोधन कानून और हालिया विरोध प्रदर्शनों में छात्रों पर हुए बल प्रयोग की पृष्ठभूमि में मुख्य विपक्षी दल ने सत्याग्रह का आयोजन किया.

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ किसी भी प्रदर्शन में राहुल गांधी पहली बार शामिल हुए हैं. वह पिछले दिनों दक्षिण कोरिया के दौरे पर थे. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ, पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, केसी वेणुगोपाल, आनंद शर्मा, दिग्विजय सिंह और बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता भी इसमें शामिल हुए. महात्मा गांधी के समाधि स्थल राजघाट पर कांग्रेस का सत्याग्रह आरंभ होने से पहले राहुल और प्रियंका ने युवाओं, छात्रों और अन्य लोगों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया था.

(इनपुट भाषा)