नई दिल्ली. पुलवामा मामले पर कांग्रेस ने अपने नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बयानों को लेकर पैदा विवाद की पृष्ठभूमि में सोमवार को कहा कि किसी को भी देश की भावना के खिलाफ जाकर बोलने का अधिकार नहीं है. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सिद्धू के बयान के बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस देश में सभी को बोलने की आजादी है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में जो भी है, चाहे वह कांग्रेसी है या गैरकांग्रेसी है, उस व्यक्ति को देश की भावना के अनुरूप बोलना चाहिए. मुझे नहीं लगता कि किसी को भी देश की भावना के खिलाफ जाकर बोलने का कोई अधिकार है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह गंभीरता की बात है, परिपक्वता की बात है. हर व्यक्ति को उस अनुशासन में चलना ही पड़ेगा.’’ गौरतलब है कि पंजाब सरकार में मंत्री सिद्धू ने पुलवामा आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा था कि कुछ लोगों की करतूत की वजह से किसी एक देश को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है. उन्होंने यह भी कहा था कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए. उनके इस बयान को लेकर विरोधी पार्टियों ने उन पर जमकर निशाना साधा है. विपक्षी शिरोमणि अकाली दल ने सोमवार को पुलवामा हमले के बाद दिए बयानों के चलते पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को बर्खास्त करने की मांग की है. वहीं अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू के बीच इस मुद्दे पर कहासुनी भी हुई.

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले मजीठिया के नेतृत्व में अकाली दल के नेताओं ने उन तस्वीरों को जलाया जिनमें सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख से गले मिलते नजर आ रहे थे. सिद्धू गत वर्ष 18 अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने पाकिस्तान गए थे. पंजाब विधानसभा सदन के बाहर मजीठिया ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ किसी भी चीज से पहले हम कांग्रेस और पंजाब सरकार का स्पष्ट रुख जानना चाहते हैं. क्या वे पाकिस्तानी सेना के प्रमुख और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की निंदा करते हैं?’’ मजीठिया ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले की निंदा के लिए सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने के बाद भी सिद्धू कह रहे हैं ‘‘आप पाकिस्तान को दोषी नहीं ठहरा सकते, आप किसी एक व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा सकते.’’

(इनपुट – एजेंसी)