नई दिल्ली: कांग्रेस ने दावा किया है कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी बंद से पीड़ित लोगों की समस्याएं सामने लाने और इनसे निपटने में केंद्र सरकार की ‘भारी विफलता’ को उजागर करने के लिए सोशल मीडिया पर उसके ‘स्पीक अप इंडिया’ अभियान को जबरदस्त सफलता मिली है. पार्टी ने कहा है कि इसमें 57 लाख लोगों द्वारा लाइव वीडियो पोस्ट किए गए हैं जो करीब दस करोड़ लोगों तक पहुंचे हैं. कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘स्पीक अप इंडिया’ देश में सबसे बड़े और सबसे मजबूत डिजिटल विरोध आंदोलन के रूप में उभरा है. Also Read - राजस्‍थान के कई विधायकों समेत सचिन पायलट दिल्ली आए, सोनिया गांधी से मांगा वक्‍त

कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार देश के प्रवासी कामगारों, किसानों, दिहाड़ी मजदूरों, व्यापारियों और छोटे उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है. यह भी दावा किया गया कि हैशटैग स्पीक अप इंडिया ट्विटर और फेसबुक पर वैश्विक ट्रेंड में सबसे ऊपर रहा है. पार्टी के सोशल मीडिया विभाग में प्राप्त फीडबैक के अनुसार, 57 लाख से अधिक लोगों ने लाइव वीडियो पोस्ट किए हैं, जो 10 करोड़ लोगों तक पहुंच चुके हैं. वेणुगोपाल ने एक बयान में कहा, अभियान की लोकप्रियता और लोगों से प्राप्त समर्थन, इन आंकड़ों से स्पष्ट हैं. इस अभियान के माध्यम से पार्टी ने प्रवासी श्रमिकों, किसानों और दैनिक वेतन भोगियों की समस्याओं व चिंताओं को उठाया. Also Read - सोनिया गांधी की कांग्रेस के लोकसभा सदस्यों के साथ बैठक, राहुल को फिर से अध्यक्ष बनाने की उठी मांग

कांग्रेस ने मांग की कि सरकार अगले छह महीनों के लिए आम लोगों के बैंक खातों में 7,500 रुपये के सीधे नकद हस्तांतरण की योजना को लागू करे और 10,000 रुपये जमा करने के लिए तत्काल कदम उठाए. पार्टी ने कहा कि सरकार प्रवासी श्रमिकों को मुफ्त परिवहन सेवा प्रदान करे और ग्रामीण नौकरी गारंटी योजना के तहत कार्य दिवसों की संख्या 200 तक बढ़ाई जाए. वेणुगोपाल ने कहा कि ‘स्पीक अप इंडिया’ अभियान ने इन मांगों के प्रति सरकार के ‘उदासीन रवैये’ के खिलाफ एक मजबूत विरोध दर्ज कराया है. Also Read - BJP ने हदें पार कर दीं, हम जीवन बचाने में लगे हैं और वे सरकार गिराने में: CM गहलोत